प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। यह बातचीत भारत की ओर से रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत-अमेरिका संबंधों में अचानक आई गिरावट के बीच हुई। पीएम मोदी और पुतिन दोनों शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तियानजिन में हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चीन के तियानजिन में द्विपक्षीय बैठक की। खास बात यह रही कि पीएम मोदी और पुतिन बैठक स्थल तक एक ही कार से पहुंचे। दोनों की एक ही कार में बैठी तस्वीर सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी। इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखा, 'एससीओ शिखर सम्मेलन स्थल पर कार्यवाही के बाद राष्ट्रपति पुतिन और मैं द्विपक्षीय बैठक स्थल के लिए एक साथ यात्रा पर निकले। उनके साथ बातचीत हमेशा ज्ञानवर्धक होती है।'
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दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत रूसी नेता के प्रधानमंत्री के साथ शिखर वार्ता के लिए भारत आने से कुछ महीने पहले हुई है। बैठक में यूक्रेन में संघर्ष और भारत-रूस संबंधों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर बातचीत हुई। द्विपक्षीय बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, 'आपसे मिलकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। एससीओ वैश्विक दक्षिण और पूर्व के देशों को एकजुट करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। 21 दिसंबर, 2025 को भारत-रूस संबंधों को 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' के रूप में विकसित किए जाने की 15वीं वर्षगांठ है। हमारे बीच बहुआयामी संबंध हैं। आज की बैठक से भारत-रूस संबंधों को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रूस और भारत के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं।'
ऑरस लिमोजीन में लिफ्ट दी
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी को इतर द्विपक्षीय वार्ता स्थल तक पहुंचने के लिए पुतिन ने अपनी ऑरस लिमोजीन में लिफ्ट की पेशकश की। रूसी राष्ट्रीय रेडियो स्टेशन वेस्टीएफएम की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं ने होटल जाते समय आमने-सामने बातचीत जारी रखी, जहां उनकी टीमों के सदस्य उनसे मिलने वाले थे। हालांकि, होटल पहुंचने पर वे रूसी राष्ट्रपति की लिमोजीन से नहीं उतरे और 50 मिनट तक बातचीत करते रहे। बाद में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि दोनों नेताओं ने कार में लगभग एक घंटे तक आमने-सामने बातचीत की।
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दिसंबर में मोदी के साथ शिखर वार्ता के लिए भारत आने वाले हैं पुतिन
मॉस्को में टिप्पणीकारों का कहना है कि शायद यह मोदी और पुतिन के बीच सबसे महत्वपूर्ण गोपनीय बातचीत थी, जिसके दौरान उन्होंने संभवतः ऐसे मुद्दों पर चर्चा की जो दूसरों के कानों के लिए नहीं थे। अपनी द्विपक्षीय वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को बताया कि यूक्रेन संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करना मानवता का आह्वान है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत रूसी नेता के स्वागत का इंतजार कर रहा है। पुतिन दिसंबर में मोदी के साथ शिखर वार्ता के लिए भारत आने वाले हैं।