भूटान की पंचवर्षीय योजना में जारी रहेगा भारत का सहयोग : प्रधानमंत्री मोदी
दोनों नेताओं ने भारत के नेशनल नॉलेज नेटवर्क और भूटान के ड्रक रिसर्च एंड एजुकेशन नेटवर्क के बीच अंतर-संपर्क की ई-वॉल का भी अनावरण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भूटान की प्रगति में बड़ा सहयोगी बनना भारत के लिए गौरव की बात है। भूटान की पंचवर्षीय योजना में भारत का सहयोग जारी रहेगा ।’
दोनों नेताओं ने भूटान में दक्षिण एशिया उपग्रह के इस्तेमाल के लिए इसरो के सहयोग के साथ विकसित सैटकॉम नेटवर्क और ग्राउंड अर्थ स्टेशन का भी शुभारंभ किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के जरिए भूटान के विकास को बढ़ावा देने के प्रति कटिबद्ध है। भारत भूटान में संचार, लोक प्रसार और आपदा प्रबंधन कवरेज को बढ़ाएगा।
उन्होंने कहा कि रॉयल भूटान विश्वविद्यालय और भारत के आईआईटी तथा अन्य शीर्ष शैक्षाणिक संस्थानों के बीच तालमेल और संबंध शिक्षा और प्रौद्योगिकी के लिए आज की जरूरतों के अनुरूप है। प्रधानमंत्री मोदी ने सिमटोखा जोंग में एक पौधा भी लगाया।
भारत और भूटान इसलिए करीब हैं क्योंकि हमारे दिल खुले हैं : लोटे शेरिंग
वहीं, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग ने कहा कि भारत और भूटान का आकार भले अलग-अलग हो लेकिन हमारी सोच, मूल्य और प्रेरणा समान हैं। उन्होंने कहा, ‘भूटान के उनके (मोदी) पहले दौरे पर, याद दिलाना चाहूंगा कि मैंने कहा था कि भारत और भूटान इसलिए करीब नहीं है क्योंकि हमारी खुली सीमा है बल्कि इसलिए हैं कि हमारे दिल एक दूसरे के लिए खुले हैं। इस बार आपकी यात्रा दिखाती है कि आपको इसको कितना महत्व देते हैं।’
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने ताशीचोजोंग पैलेस, भूटान में रस्मी स्वागत समारोह में सलामी गारद का निरीक्षण किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि महामहिम भूटान नरेश के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए महल में पारंपरिक चिपड्रेल जुलूस और स्वागत समारोह हुआ।
पारो हवाई अड्डे पर हुआ पीएम मोदी का भव्य स्वागत, शेरिंग ने की अगवानी
भूटान आने पर प्रधानमंत्री मोदी का पारो हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत हुआ। भूटान के प्रधानमंत्री ने वहां उनकी अगवानी की। मोदी ने ट्वीट किया, ‘हवाई अड्डे पर स्वागत करने के लिए मैं भूटान के प्रधानमंत्री का बहुत आभारी हूं। उनका व्यवहार दिल को छू गया।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भूटान में अविस्मरणीय स्वागत हुआ। यह ऐसी जगह है जो प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है, यहां के लोग भी कमाल के हैं। यहां गजब का उत्साह है और भूटान के लोग भारत-भूटान दोस्ती को सफलता की नयी ऊंचाइयों पर जाते देखना चाहते हैं।
भूटान के दो दिवसीय दौरे पर आए प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए पारो से राजधानी थिम्पू तक मार्ग के किनारे खड़े लोग भारतीय तिरंगा और भूटानी ध्वज लहरा रहे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यहां भूटान के अपने समकक्ष लोतै शेरिंग की उपस्थिति में ऐतिहासिक सिमटोखा जोंग स्थल के प्रांगण में साइप्रस के पौधे का रोपण किया। तिब्बती बौद्ध लामा शब्दरूंग नामग्याल द्वारा 1629 में निर्मित सिमटोखा जोंग इस हिमालयी देश के सबसे पुराने किलों में एक है। यह इमारत बौद्धमठ और प्रशासनिक केंद्र के रूप में काम करती है।
नामग्याल को भूटान के एकीकृत करने वाले के तौर पर देखा जाता है। पौधरोपण के बाद प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक इमारत के बौद्ध भिक्षुओं से भी भेंट की जहां पहली बार परियोजना उद्घाटन कार्यक्रम हुआ और सहमति पत्रों का आदान प्रदान हुआ।