प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर सऊदी अरब में हैं। मंगलवार को पीएम मोदी ने कई नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद और दूसरे प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।
पीएम मोदी और सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल-सऊद ने आतंकवाद की निंदा करते हुए द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिये मिलकर काम करने पर अपने विचार साझा किए।
प्रधानमंत्री मोदी के लिए शाह सलमान द्वारा आयोजित बैठक और भोज के बाद प्रधानमंत्री के आर्थिक संबंधों के सचिव टी एस त्रिमूर्ति ने कहा कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद की सभी घटनाओं और रूपों में निंदा करते हुए द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
कई मंत्रियों से की मुलाकात
इसके अलावा सऊदी अरब के वरिष्ठ मंत्रियों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और ऊर्जा, श्रम, कृषि, जल प्रौद्योगिकियों से संबंधित मुद्दों पर द्विपक्षीय सहयोग को लेकर बातचीत की। ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान, श्रम एवं सामाजिक विकास मंत्री अहमद बिन सुलेमान अलराज़ी और पर्यावरण, जल एवं कृषि मंत्री अब्दुलरहमान बिन अब्दुलमोहसिन अल-फजली आदि मंत्रियों ने सऊदी राजधानी में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की।
इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया कि सऊदी ऊर्जा मंत्री की प्रधानमंत्री के साथ सार्थक बैठक रही और दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग में सुधार के प्रयासों के बारे में चर्चा की।
यह बैठक इस मायने में महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देशों ने महाराष्ट्र के रायगढ़ में महत्वाकांक्षी पश्चिमी तट रिफाइनरी परियोजना पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। इसमें सऊदी तेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अरामको, यूएई की अबूधाबी नेशनल ऑयल कंपनी और भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां निवेश करेंगी।
भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है और वह अपनी तेल जरूरतों का 83 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। इराक के बाद सऊदी अरब इसका दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। उसने वित्त वर्ष 2018-19 में भारत को 4.03 करोड़ टन कच्चा तेल बेचा जबकि भारत ने 20.73 करोड़ टन तेल का आयात किया था।
जॉर्डन के किंग से भी मुलाकात
इससे पहले उन्होंने मंगलवार सुबह जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात की। अब्दुल्ला द्वितीय भी सऊदी के दौरे पर हैं।
पीएम मोदी और जॉर्डन के किंग के बीच व्यापार और निवेश, मानव संसाधन विकास और लोगों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बनाने को लेकर चर्चा हुई। यह मुलाकात सऊदी अरब की राजधानी रियाद में फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनीशिएटिव फोरम से इतर हुई।
सऊदी अरब का बहुचर्चित तीन दिवसीय वैश्विक वित्तीय सम्मेलन मंगलवार को यहां शुरू हुआ जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई अन्य देशों के नेता भाग ले रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों विशेष रूप से व्यापार एवं निवेश, मानव संसाधन विकास और जनसंपर्क को मजबूत करने के लिए एक साथ मिलकर काम करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
इससे पहले दोनों नेताओं ने पिछले महीने न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर मुलाकात की थी। सबसे पहले दोनों नेता 2015 में यूएनजीए के दौरान मिले थे। मोदी और जॉर्डन के शाह दोनों ही वित्तीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनीशिएटिव फोरम में सरकार, उद्योगपति और वैश्विक वित्तीय संंस्थानों के कई प्रमुख भाग लेंगे। बैठक में वैश्विक व्यापार और उसकी प्रवृत्ति पर चर्चा के साथ साथ आने वाले दशकों में वैश्विक निवेश परिदृश्य को लेकर अवसर और चुनौतियों पर बातचीत की जाएगी।
गौरतलब है कि जॉर्डन 10,000 से अधिक भारतीयों का घर है, जो वहां पर कपड़ा, निर्माण और विनिर्माण, उर्वरक कंपनियों, स्वास्थ्य क्षेत्र, विश्वविद्यालयों, आईटी, वित्तीय कंपनियों और बहुपक्षीय संगठन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं।