आर्टेमिस समझौते
भारत ने 'आर्टेमिस समझौते' में शामिल होने का फैसला किया है। यह समान विचारधारा वाले देशों को नागरिक अंतरिक्ष खोज के मुद्दे पर एक साथ लाता है। नासा व इसरो 2024 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक संयुक्त मिशन पर सहमत हुए हैं।
प्रीडेटर ड्रोन (एमक्यू-9 रीपर)
प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ने जनरल एटॉमिक्स एमक्यू-9 रीपर सशस्त्र ड्रोन की खरीद पर एक मेगा सौदे की घोषणा की। एमक्यू-9 रीपर ड्रोन भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसकी तैनाती हिंद महासागर, चीनी सीमा के साथ अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। करीब 29 हजार करोड़ रुपये के इस सौदे से भारत को 30 लड़ाकू ड्रोन मिलेंगे। इनमें से 14 नौसेना और आठ-आठ वायुसेना और सेना को मिलेंगे।
जेट इंजन के सह-उत्पादन पर समझौता
अमेरिका और भारत के बीच जेट इंजन के सह-उत्पादन पर भी समझौता हुआ है। दोनों देशों ने भारत में F414 जेट इंजन का साझा उत्पादन करने के जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) के प्रस्ताव का स्वागत किया। जीई और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने एक समझौते पर करार किया है। यह भारत में एफ414 इंजन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और इससे अमेरिकी जेट इंजन प्रौद्योगिकी का पहले से कहीं अधिक हस्तांतरण (टेक्नोलॉजी ट्रांसफर) हो सकेगा।
स्थापित होगा सेमीकंडक्टर संयंत्र
कंप्यूटर चिप बनाने वाली कंपनी माइक्रोन गुजरात में अपना सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण संयंत्र स्थापित करेगी, जिस पर कुल 2.75 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। इसको लेकर भी दोनों देशों की बीच समझौता हुआ है।
भारत में दो नए वाणिज्य दूतावास खोलेगा अमेरिका
अमेरिका बेंगलुरु और अहमदाबाद में दो नए वाणिज्य दूतावास खोलेगा। वहीं, भारत लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने के लिए सिएटल में एक मिशन स्थापित करेगा। भारत की राजधानी में अमेरिका का दूतावासदुनिया के सबसे बड़े अमेरिकी राजनयिक मिशनों में से एक है। यह दूतावास मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद में चार वाणिज्य दूतावासों की गतिविधियों का समन्वय करता है और सुनिश्चित करता है कि पूरे देश में अमेरिका-भारत संबंध मजबूत हों।