प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधी टॉलस्टॉय से काफी प्रेरित और प्रभावित थे। हालांकि, अपने जीवन में वे दोनों कभी एक-दूसरे से व्यक्तिगत तौर पर नहीं मिले लेकिन पत्रों के जरिए उनके बीच एक अनोखा रिश्ता था और वे विचारों का आदान-प्रदान करते थे।
अपनी आत्मकथा में गांधी ने लिखा है कि कैसे टॉलस्टॉय की किताब ‘द किंगडम ऑफ गॉड इज विदइन यू’ ने उनकी जिंदगी बदल दी। यह किताब महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में जोहानिसबर्ग से डरबन की ट्रेन यात्रा के दौरान एक अक्तूबर 1904 को पढ़ी थी।
वह इस किताब से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने एक अक्टूबर 1909 को टॉलस्टॉय को पत्र लिखा। इसके बाद उनका पत्र व्यवहार चलता रहा। गांधी ने जो किताब लिखी उसने भी टॉलस्टॉय पर गहरा प्रभाव छोड़ा और उसने वैश्विक प्रेम की अनंत संभावनाओं को लेकर उनके विचारों पर काफी असर डाला।
टॉलस्टॉय और गांधी के बीच यह पत्र व्यवहार भारत-रूस संबंधों के स्वर्णिम अध्याय में युग प्रवर्तक बन गया। रूसी सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि वह महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर उनकी याद में एक विशेष डाक टिकट जारी करेगी।