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जी-7 में पीएम मोदी ने कश्मीर पर सुनाई खरी-खरी, ट्रंप बोले- हम नहीं करेंगे मध्यस्थता

Mon, 26 Aug 2019 08:20 PM IST
Priyesh Mishra वर्ल्ड डेस्क, बिआरित्ज
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पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्र्ंप - फोटो : PTI
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के बिआरित्ज शहर में आयोजित जी7 समिट में हिस्सा लेने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। समिट के दौरान उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने साफ किया कि कश्मीर पूरी तरह द्विपक्षीय मामला है। मोदी ने कहा किभारत और पाकिस्तान के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दे हैं और हम किसी तीसरे देश को कष्ट नहीं देना चाहते। हम द्विपक्षीय रूप से इन मुद्दों पर चर्चा कर इनका समाधान कर सकते हैं। ट्रंप ने भी उनकी बातों से सहमति जताई और इसे द्विपक्षीय मामला बताया।  
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पीएम मोदी ने कहा ट्रंप से कहा कि जब पाकिस्तान में नई सरकार चुनकर आई तो मैंने वहां के प्रधानमंत्री को फोन करके बधाई दी थी और कहा था कि दोनों देशों की समस्याएं एक जैसी हैं। दोनों देशों के बीच सभी मुद्दे द्विपक्षीय हैं। हमें मिलजुलकर ही इन्हें हल करना होगा।

पीएम मोदी ने ट्रंप से दो टूक कहा की भारत-पाकिस्तान के बीच सभी मुद्दे द्विपक्षीय हैं। दोनों देश मिलकर मुद्दों को सुलझा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत और पाकिस्तान के बीच सभी मुद्दे द्विपक्षीय हैं, इसलिए हम इस बारे में किसी अन्य देश को कष्ट नहीं देना चाहते हैं। हमें तीसरे देश का दखल मंजूर नहीं है। 
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इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, हमने पिछली रात कश्मीर के मुद्दे पर बात की। प्रधानमंत्री ने बताया कि सबकुछ नियंत्रण में है। उन्होंने पाकिस्तान से बात की है और मुझे यकीन है कि वह पूरी तरह योग्य हैं और कुछ अच्छा ही होगा।   उन्होंने कहा, मेरे दोनों (मोदी और खान) से अच्छे रिश्ते हैं और मैं यहां हूं। मुझे लगता है कि वे खुद से (मुद्दे का समाधान) कर सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा kf हम व्यापार के बारे में बात कर रहे हैं, हम सैन्य और कई दूसरी चीजों पर बात कर रहे हैं। हमारे बीच कुछ शानदार चर्चा हुई, हम रात्रिभोज के लिये बीती रात साथ में थे और मैंने भारत के बारे में काफी जाना। 

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान 1947 से पहले एक साथ थे और मुझे विश्वास है कि हम अपनी समस्याओं पर चर्चा कर सकते हैं और उन्हें मिलकर हल कर सकते हैं। 

वहीं, इस मुलाकात को ट्रंप ने बेहद सार्थक करार दिया। मुलाकात के बाद उन्होंने ट्वीट किया, मैंने अपने दोस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कुछ देर पहले की एक शानदार मीटिंग की है। 


भारत साफ कर चुका है अपना रुख 

इससे पहले अमेरिका कई बार जम्मू और कश्मीर राज्य के लिए अनुच्छेद 370 पर भारत का निर्णय को आंतरिक मामला बता चुका है, लेकिन उसके अनुसार इसके क्षेत्रीय निहितार्थ भी हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी क्षेत्रीय तनाव को कम करने और कश्मीर में मानवाधिकारों के लिए सम्मान बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। 

माना जा रहा है कि इस तीन दिन के जी7 समिट में अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध, ब्रिटेन के यूरोपियन यूनियन से अलग होने के मुद्दे, तेहरान के परमाणु प्रोग्राम के चलते अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ रहे तनाव और ब्राजील में अमेजन वर्षावन को नष्ट करने वाली आग पर बातचीत हो सकती है।
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बता दें कि पीएम मोदी ने सुरेश प्रभु को शेरपा (ऐसा राजदूत जो सम्मेलन से पहले की तैयारियों को दुरुस्त करता है) नियुक्त किया है। उनकी बैठक ऐसे समय हुई है जब पांच अगस्त को भारत ने जम्मू कश्मीर को दिया गया विशेष दर्जा वापस ले उसे दो केंद्र शासित क्षेत्रों में विभाजित कर दिया था। ट्रंप ने हाल में कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी। 



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