03:14 AM, 20-Nov-2024
PM Modi: पीएम मोदी 56 साल में गुयाना पहुंचने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री; पूरी कैबिनेट स्वागत करने आई
अपने सफल ब्राजील दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19-20 नवंबर की दरम्यानी रात गुयाना रवाना हो गए। 56 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है। पीएम मोदी तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में बृहस्पतिवार को गुयाना पहुंचेंगे। गुयाना में भारत के उच्चायुक्त अमित एस तेलंग ने कहा, यह यात्रा गहरी दोस्ती, आपसी विश्वास और उस सहयोग की प्रतीक है। 56 वर्षों बाद किसी भारतीय पीएम की इस दक्षिण अमेरिकी देश में पहली यात्रा होगी। इससे पहले इंदिरा गांधी ने गुयाना की यात्रा की थी।
रियो डी जेनेरियो में जी-20 देशों के सम्मेलन में क्या हुआ
इससे पहले जी-20 शिखर सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने पूरी भू-राजनीति को प्रभावित कर रहे वैश्विक संघर्षों को रोकने पर जोर भले ही दिया, लेकिन इसके लिए प्रयासों को लेकर किसी ठोस योजना पर सहमति नहीं बन पाई। जी-20 नेताओं ने खासे विमर्श के बाद जारी साझा बयान में भूख व गरीबी के खिलाफ मिलकर लड़ने, युद्धग्रस्त गाजा को अधिक सहायता देने और पश्चिम एशिया व यूक्रेन में शीघ्र जंग रोकने का आह्वान किया। साझा बयान में किसी को जिम्मेदार ठहराए बिना संघर्षों की निंदा की गई है। गाजा में भयावह मानवीय हालात का जिक्र करते हुए मदद के लिए कदम उठाने पर जोर दिया गया। शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन मंगलवार को जी-20 नेताओं की बैठक का एजेंडा जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित रहा। मेजबान ब्राजीलियाई राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने अपने प्रस्ताव में आने वाली पीढ़ियों के लिए टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, जी-20 देशों को उत्सर्जन कटौती लक्ष्यों पर तत्काल अमल करना आवश्यक है, क्योंकि 80 फीसदी ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन के लिए इसके सदस्य देश ही जिम्मेदार हैं।
भारत की दक्षता से मिली प्रेरणा : दा सिल्वा
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने द्विपक्षीय बैठक के दौरान नई दिल्ली में जी-20 के सफल आयोजन को लेकर पीएम मोदी की सराहना की। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति लूला ने बताया कि उन्होंने बहुत-सी ऐसी चीजें दोहराने की कोशिश की, जो भारत में हुए शिखर सम्मेलन से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा, हमने भारत के निर्णयों को आगे बढ़ाया। ब्राजील उसी स्तर की दक्षता से सम्मेलन करना चाहता था, जैसा भारत ने किया था।