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PM Modi Visit Ghana: पीएम मोदी ने घाना के राष्ट्रपति-स्पीकर को दिए खास तोहफे, भारतीय कला-संस्कृति से कनेक्शन

Thu, 03 Jul 2025 06:19 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अकारा

सार

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घाना दौरे पर राष्ट्रपति जॉन महामा को कर्नाटक की प्रसिद्ध बिदरी कला का फूलदान, उनकी पत्नी लॉर्डिना महामा को ओडिशा की चांदी की महीन कारीगरी वाला पर्स और संसद अध्यक्ष अल्बन बैगबिन को बंगाल की कलात्मक अंबावरी हाथी की प्रतिमा भेंट की। ये उपहार भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हस्तशिल्प की खूबसूरती को दर्शाते हैं।
 
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पीएम मोदी ने घाना के राष्ट्रपति, उनकी पत्नी और वहां के स्पीकर को दिए ये खास उपहार - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों दो दिवसीय दौरे पर घाना पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा, उनकी पत्नी और संसद अध्यक्ष को भारत की पारंपरिक कलाकृतियों से जुड़े अनोखे और सुंदर तोहफे दिए। इन खास उपहारों के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय कला, कारीगरी और विरासत को घाना के लोगों तक पहुंचाने का संदेश दिया।
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प्रधानमंत्री मोदी ने घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा को कर्नाटक की मशहूर बिदरी कला का फूलदान भेंट किया। यह जोड़ी फूलदान कर्नाटक के बीदर जिले में तैयार की गई है। बिदरी धातु कला को उसकी गहरे काले रंग की पृष्ठभूमि और उस पर की गई महीन चांदी की कारीगरी के लिए जाना जाता है। इसमें जिंक और तांबे का मिश्रण इस्तेमाल होता है, जिस पर फूल-पत्तियों की सुंदर आकृतियां उकेरी जाती हैं।
 

सद्भावना का प्रतीक है बिदरी फूलदान
यह फूलदान भारत की सदियों पुरानी कारीगरी का उदाहरण है। फूल-पत्तियों के डिजाइन सुंदरता और समृद्धि का प्रतीक हैं। इसे बनाने में पारंपरिक तकनीक का इस्तेमाल होता है, जिसमें विशेष ऑक्सिडाइजेशन प्रक्रिया के जरिए इसे गहरा काला रंग दिया जाता है। इस उपहार के जरिए भारत ने घाना के साथ दोस्ती और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूती दी है।
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ओडिशा की तारकासी कारीगरी वाला पर्स
प्रधानमंत्री मोदी ने घाना के राष्ट्रपति की पत्नी लॉर्डिना महामा को ओडिशा के कटक की प्रसिद्ध तारकासी कारीगरी वाला सिल्वर पर्स भेंट किया। यह पर्स बेहद नाजुक और महीन चांदी के तारों से हाथ से बुना गया है। इसमें बेल-बूटों और फूलों की डिजाइन बनाई गई है, जो इसे बेहद आकर्षक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाती है।
 

ओडिशा की 500 साल पुरानी कारीगरी की चमक
तारकासी कारीगरी ओडिशा की लगभग 500 साल पुरानी परंपरा है। यह पर्स न सिर्फ सुंदरता का प्रतीक है, बल्कि इसमें ओडिशा की समृद्ध संस्कृति और कारीगरों की मेहनत भी झलकती है। यह उपहार भारत की कलात्मक पहचान को दुनिया के सामने लाने की प्रधानमंत्री की सोच का हिस्सा है।

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संसद अध्यक्ष को भेंट किया पश्चिम बंगाल का हाथी अंबावरी
प्रधानमंत्री मोदी ने घाना के संसद अध्यक्ष अल्बन बैगबिन को पश्चिम बंगाल में तैयार किया गया हाथी अंबावरी भेंट किया। यह भारत की राजशाही परंपराओं और कलात्मक विरासत का प्रतीक है। इस अंबावरी में हाथी पर सजी भव्य सवारी, छतरी और फूलों की कारीगरी बेहद बारीकी से उकेरी गई है।
 

पर्यावरण के अनुकूल सिंथेटिक सामग्री से बनी कलाकृति
हाथी अंबावरी सिंथेटिक आइवरी यानी पर्यावरण के अनुकूल विकल्प से बनाई गई है। इसमें बारीकी से नक्काशी की गई है, जो भारत की उत्कृष्ट कारीगरी और सांस्कृतिक गौरव को दर्शाती है। इसे एक खूबसूरत डिस्प्ले बॉक्स में रखा गया, ताकि यह सजावट का बेहतरीन और यादगार तोहफा बने।
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भारत-घाना संबंधों को मजबूती देने का प्रयास
प्रधानमंत्री मोदी के इन खास उपहारों के जरिए भारत ने घाना के साथ अपने सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करने का प्रयास किया है। भारत की कला, विरासत और कारीगरी को दुनिया के सामने लाना प्रधानमंत्री की विदेश नीति का अहम हिस्सा रहा है। इन उपहारों ने दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग को नया आयाम दिया है।


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