पीएम मोदी ने न्यूयॉर्क के इनडोर स्टेडियम में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एआई, शिक्षा, खेल, वैश्विक युद्ध, सेमी कंडक्टर समेत तमाम मुद्दों पर प्रवासी भारतीयों से बात की।
अमेरिका दौरे पर गए पीएम मोदी ने न्यूयॉर्क के इनडोर स्टेडियम में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एआई, शिक्षा, खेल, वैश्विक युद्ध, सेमी कंडक्टर समेत तमाम मुद्दों पर प्रवासी भारतीयों से बात की। उन्होंने लोकसभा चुनाव को लेकर भी प्रवासियों को जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने भारत की विकास यात्रा के बारे में बताया। जानिए प्रधानमंत्री के संबोधन की 10 बड़ी बातें...।
अमेरिकन इंडियन स्पिरिट है और यही दुनिया का एआई पावर है। यही एआई स्पिरिट ही भारत-अमेरिका के रिश्तों को नई ऊंचाई दे रहा है।
आज भारत का 5जी मार्केट अमेरिका से भी बड़ा हो चुका है और ये सिर्फ दो साल के भीतर हुआ है। अब भारत 'मेड इन इंडिया' 6जी पर काम कर रहा है। अब भारत पीछे नहीं चलता, नई व्यवस्थाएं बनाता है और नेतृत्व करता है। भारत ने digital public infrastructure (DPI) का नया कॉन्सेप्ट दुनिया को दिया है।
भारत ने शतरंज ओलंपियाड (पुरुष और महिला) में स्वर्ण पदक जीता है। यह एक सदी में पहली बार हुआ है। हमारे पूरे देश को हमारे शतरंज खिलाड़ियों पर गर्व है। अभी कुछ समय पहले ही तो यूएस में टी-20 वर्ल्ड कप हुआ था और अमेरिका की टीम क्या गजब खेली। उस टीम में यहां रह रहे भारतीयों का जो योगदान था, वो भी दुनिया ने देखा है।
बीते 10 वर्ष में भारत में हर सप्ताह एक यूनिवर्सिटी बनी है। हर दिन दो नए कॉलेज बने हैं। हर दिन एक नई आईटीआई की स्थापना हुई है। 10 साल में मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी लगभग दोगुनी हो चुकी है। अब तक दुनिया ने भारत के डिजाइनर्स का दम देखा, अब दुनिया डिजाइन इन इंडिया का जलवा देखेगी।
भारत ने हर क्षेत्र में अवसरों का एक लॉन्चिंग पैड तैयार किया है। सिर्फ एक दशक में ही पच्चीस करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। ये कैसे हुआ। ये इसलिए हुआ, हमने पुरानी सोच बदली और एप्रोच बदली। हमने गरीब को सशक्त करने पर फोकस किया।
2024 का ये साल पूरी दुनिया के लिए बहुत अहम है। एक तरफ दुनिया के कई देशों के बीच संघर्ष है, तनाव है, तो दूसरी तरफ कई देशों में लोकतंत्र का जश्न चल रहा है। भारत और अमेरिका लोकतंत्र के जश्न में भी एक साथ है।
यूपीआई का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आपके पास आज जेब में वॉलेट है। लेकिन भारत में लोगों के पास जेब में मोबाइल के साथ वॉलेट है। उन्होंने कहा, भारत अब रुकने वाला नहीं है, थमने वाला नहीं है।
कार्बन उत्सर्जन में भारत की भूमिका न के बराबर है। दुनिया को बर्बाद करने में हमारी कोई भूमिका नहीं है। हमने ग्रीन ट्रांजिशन का रास्ता चुना है।
आज जब भारत वैश्विक मंच पर कुछ कहता है, तो दुनिया सुनती है। मैंने जब कहा- यह युद्ध का युग नहीं है, तो उसकी गंभीरता सबने समझी। आज दुनिया में कहीं भी संकट आए, तो भारत पहली प्रतिक्रिया के रूप में सामने आता है। कोरोना के समय में हमने 150 से अधिक देशों को वैक्सीन और दवाइयां भेजीं।
पिछले साल जून में भारत ने सेमी-कंडक्टर सेक्टर के लिए इनसेंटिव घोषित किए थे। इसके कुछ ही महीनों बाद माइक्रोन की पहली सेमी-कंडक्टर यूनिट का शिलान्यास भी हो गया है। अब तक भारत में ऐसी पांच यूनिट्स स्वीकृत हो चुकी हैं। वो दिन दूर नहीं। जब आप मेड इन इंडिया चिप यहां अमेरिका में भी देखेंगे।