प्रधानमंत्री मोदी की भारत में लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है लेकिन ये जानकर आपको हैरानी होगी कि पड़ोसी देश चीन में भी प्रधानमंत्री मोदी खासे लोकप्रिय हैं। दरअसल चीन के एक पत्रकार मु चुनशान ने द डिप्लोमेट पत्रिका में एक लेख लिखा है। इस लेख में मु चुनशान ने दावा किया है कि भारतीय प्रधानमंत्री चीन के सोशल मीडिया यूजर्स के बीच खासे लोकप्रिय हैं। मु चुनशान, चीन के सोशल मीडिया, खासकर सिना विबो (ट्विटर जैसा चाइनीज प्लेटफॉर्म) का विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं। अपने विश्लेषण के आधार पर चीनी पत्रकार ने बताया कि अधिकतर चीनी यूजर्स मानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के बड़े देशों के बीच संतुलन बनाकर चल रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी को दिया निकनेम
लेख के अनुसार, चीन के सोशल मीडिया यूजर्स ने प्रधानमंत्री मोदी को एक नाम भी दिया है। चीनी सोशल मीडिया यूजर्स प्रधानमंत्री मोदी को 'मोदी लाओशियान' (Modi Laoxian) जिसका मतलब है 'Modi the immortal'(अमर मोदी) है। चीन में लाओशियान, बुजुर्ग और अमर व्यक्ति को कहा जाता है, जिसके पास अद्भुत शक्तियां हैं। चीन के यूजर्स मानते हैं कि नरेंद्र मोदी दुनिया के अन्य नेताओं से अलग हैं। चीन के यूजर्स प्रधानमंत्री मोदी के पहनावे और उनकी लुक्स से काफी प्रभावित हैं। साथ ही उनकी नीतियों को भी भारत के पूर्व के नेताओं से अलग मानते हैं। मु चुनशान लिखते हैं कि इससे साफ है कि चीनी लोगों पर प्रधानमंत्री मोदी का प्रभाव है।
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मोदी सरकार की विदेश नीति से भी हैं प्रभावित
चीनी सोशल मीडिया यूजर्स मानते हैं कि भारत के दुनिया के अन्य बड़े देशों से संबंध भी अच्छे हैं। जैसे भारत के रूस और अमेरिका, दोनों के साथ संबंध अच्छे हैं। भारत के सभी देशों के साथ अच्छे संबंधों की चीनी नागरिक तारीफ करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की चीन में लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सिना विबो पर साल 2015 में अकाउंट बनाया था। जहां उनके फॉलोअर्स की संख्या करीब 2.44 लाख थी लेकिन जब भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद भारत ने चीन के 59 एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था, उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सिनो विबो पर अपना अकाउंट जुलाई 2020 को बंद कर दिया था।
पाकिस्तान की भारत से तुलना को गलत मानते हैं चीनी नागरिक
अपने लेख में मु चुनशान ने लिखा कि चीनी के यूजर्स मानते हैं कि चीन, भारत के खिलाफ पाकिस्तान को खड़ा करने की कोशिश कर रहा है लेकिन यह सच्चाई से परे हैं क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच बड़ा अंतर है और यह अंतर बढ़ता ही जा रहा है क्योंकि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था खराब दौर से गुजर रही है। चीनी यूजर्स मानते हैं कि भारत की पश्चिम के देशों में लोकप्रियता बढ़ रही है। साथ ही यूक्रेन संकट के दौरान भी भारत ने जिस तरह से रूस और अमेरिका के बीच संतुलन बनाया है, उससे भी चीनी लोग प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व से प्रभावित हैं।
खास बात ये है कि भारत की अमेरिका से बढ़ती नजदीकियां चीनी यूजर्स को रास नहीं आ रही हैं लेकिन वह ये भी मानते हैं कि भारत और चीन के बीच संबंध मजबूत होने चाहिए। भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 115 बिलियन डॉलर सालाना है, जबकि पाकिस्तान के साथ यह महज 30 बिलियन डॉलर सालाना ही है।