दो दिवसीय कुवैत दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कुवैत के अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-कुवैत संबंध, व्यापार, निवेश और ऊर्जा क्षेत्र समेत तमाम मुद्दों पर बात की। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बायन पैलेस में औपचारिक स्वागत किया गया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
विदेश मंत्रालय ने इस मुलाकात के बारे में बताया। मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुवैत के अमीर मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा के साथ बैठक के दौरान फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, फिनटेक और सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' तक बढ़ाने पर सहमत हुए।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुलाकात को लेकर एक्स अकाउंट से पोस्ट की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, कुवैत के महामहिम अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल सबा के साथ शनदार बैठक हुई। हमने फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, फिनटेक, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। हमारे देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों के अनुरूप, हमने अपनी साझेदारी को रणनीतिक स्तर तक बढ़ाया है और मुझे आशा है कि आने वाले समय में हमारी दोस्ती और भी अधिक विकसित होगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर के लिए कुवैत के बायन पैलेस पहुंचे। कुवैत के पीएम शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबा ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने कुवैत अमीर शेख से बात की। दोनों नेताओं ने रक्षा और व्यापार सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
इसके साथ ही पीएम ने क्राउन प्रिंस शेख सबा अल-खालिद अल-सबा से भी मुलाकात की। इससे पहले पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। इसके बाद एक भारतीय श्रमिकों के एक शिविर का दौरा किया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने जाबेर अल-अहमद अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में 26वें अरेबियन गल्फ कप के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
1981 में इंदिरा गांधी ने किया था कुवैत का दौरा
पीएम मोदी के इस दौरे से पहले साल 1981 में दिवंगत पूर्व पीएम इंदिरा गांधी ने कुवैत का दौरा किया था। साल 2009 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने भी कुवैत का दौरा किया था। भारत और कुवैत के ऐतिहासिक व्यापारिक संबंध रहे हैं। कुवैत में तेल की खोज होने से पहले भारत और कुवैत के बीच खजूर और घोड़ों का व्यापार होता था। ये व्यापार भारत के पश्चिमी बंदरगाहों से होता था। अब कुवैत में भारतीय निर्यात पहली बार दो बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जबकि भारत में कुवैत निवेश प्राधिकरण का निवेश 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया।
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