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PM In Caribbean: संस्कृति, क्रिकेट, मिर्च मसाले से नई विश्व व्यवस्था तक, एक पेड़ मां के नाम भी; देखिए झलकियां

Sat, 05 Jul 2025 03:09 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ऑफ स्पेन (त्रिनिदाद एंड टोबैगो)।

सार

कैरेबियन देश त्रिनिदाद एंड टोबैगो की सफल यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब अगले गंतव्य अर्जेंटीना रवाना हो गए हैं। त्रिनिदाद की राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन में पीएम मोदी का अभूतपूर्व स्वागत हुआ। वे इस देश की संसद को संबोधित करने का गौरव हासिल करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी बने। इस यात्रा की शुरुआत पीएम मोदी के सामने भारतीय संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियों से हुई, जो अंत में वैश्विक दक्षिण की चर्चा और नई वैश्विक व्यवस्था तक गई। प्रधानमंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधा भी लगाया। उनकी इस यात्रा की प्रमुख झलकियों पर एक नजर
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त्रिनिदाद एंड टोबैगो में पीएम मोदी का स्वागत - फोटो : एक्स@narendramodi
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे विदेश प्रवास का अगला पड़ाव दक्षिणी अमेरिकी देश अर्जेंटीना में है। यहां आने से पहले पीएम मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की यादगार यात्रा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि त्रिनिदाद एंड टोबैगो हमेशा साथ खड़ा होने वाला मित्र देश है। पीएम मोदी के इस दौरे पर कई ऐसी बातें हुईं जो 26 साल बाद इस देश में आने के बाद सचमुच यादगार बन गईं। पीएम मोदी के लिए यात्रा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत लगाए गए पौधे के कारण भी यादगार बनी। इसके अलावा उन्हें त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने का गौरव भी हासिल हुआ। पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक दक्षिण उभर रहा है। अब कई नई विश्व व्यवस्था देखना चाहते हैं। 
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भारत, त्रिनिदाद और टोबैगो ने छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए
पीएम मोदी के दौरे के बारे में विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों ने सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद से लड़ने के लिए प्रतिबद्धता जताई। जिन छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, इनसे भारत और त्रिनिदाद एंड टोबैगो के बीच फार्माकोपिया, त्वरित प्रभाव परियोजनाओं, संस्कृति, खेल और कूटनीतिक प्रशिक्षण आदि क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा। सरकार ने इस बात को भी रेखांकित किया कि भारत और त्रिनिदाद एंड टोबैगो ने 31 अगस्त 1962 को राजनयिक संबंध स्थापित किये थे। उसी वर्ष इस कैरेबियाई राष्ट्र को स्वतंत्रता प्राप्त हुई थी।

देश की संसद को संबोधित करने का गौरव
इससे पहले इस कैरेबियन देश की संसद में आतंकवाद को मानवता का दुश्मन बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कहा कि वैश्विक समुदाय को आतंकवाद को किसी भी तरह का संरक्षण देने से इन्कार करने के लिए एकजुट होना चाहिए। त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि यह कैरेबियाई राष्ट्र भारत की प्राथमिकता में शामिल रहेगा। उन्होंने कहा, आतंकवाद मानवता का दुश्मन है। इस रेड हाउस ने खुद आतंकवाद के घाव और निर्दोषों का खून बहते देखा है। हमें आतंकवाद को किसी भी तरह का संरक्षण या जगह देने से इन्कार करने के लिए एकजुट होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़े होने के लिए कैरेबियाई राष्ट्र के लोगों और सरकार को धन्यवाद दिया।
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प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में लंबे समय से लंबित सुधारों पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया के सामने चुनौतियां नई हैं और पुरानी सदी की संस्थाएं शांति और प्रगति लाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। वहीं, वैश्विक दक्षिण उभर रहा है और इसके देश एक नई और निष्पक्ष विश्व व्यवस्था देखना चाहते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि वह प्रतिष्ठित रेड हाउस (त्रिनिदाद व टोबैगो की संसद) में लोगों को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनकर गौरवान्वित हैं।

मोदी ने कहा, दोस्तों, जब मैं अध्यक्ष की कुर्सी पर लिखे सुनहरे शब्दों 'भारत के लोगों की ओर से त्रिनिदाद और टोबैगो के लोगों के लिए' को देखता हूं, तो मुझे गहरी भावना महसूस होती है कि यह कुर्सी सिर्फ एक फर्नीचर नहीं है, बल्कि हमारे दो देशों के बीच दोस्ती का एक शक्तिशाली प्रतीक है। बता दें कि त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद में अध्यक्ष की कुर्सी 1968 में भारत की ओर से उपहार में दी गई थी। इस सजावटी कुर्सी के सबसे ऊपर अंकित है - भारत के लोगों की ओर से त्रिनिदाद और टोबैगो के लोगों के लिए।

हमेशा साथ खड़ा होने वाला मित्र है त्रिनिदाद व टोबैगो
पीएम मोदी ने ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो से सम्मानित होने के बाद कहा कि यह पुरस्कार हमारे देशों के बीच शाश्वत और गहरी दोस्ती को दर्शाता है। पहले विदेशी नेता को यह पुरस्कार प्रदान करना हमारे गहरे संबंधों को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंध का उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने पुरस्कार प्रदान करने वाली राष्ट्रपति क्रिस्टीन कांगलू के पूर्वजों का उल्लेख किया। पीएम ने कहा, राष्ट्रपति कांगलू के पूर्वज तमिलनाडु में संत थिरुवल्लुवर की भूमि से थे। हजारों साल पहले, संत थिरुवल्लुवर ने कहा था कि मजबूत राष्ट्रों में छह प्रमुख गुण होने चाहिए: एक मजबूत सेना, देशभक्त लोग, प्रचुर संसाधन, प्रभावी नेतृत्व, मजबूत रक्षा और मित्र राष्ट्र जो हमेशा एक साथ खड़े हों। त्रिनिदाद और टोबैगो भारत के लिए एक ऐसा ही मित्र देश है।

पीएम ने कहा, हमारे संबंधों में क्रिकेट का रोमांच और मिर्च का मसाला है...
दो संस्कृतियों के बीच गहरा सामंजस्य हमारे संबंधों की एक बड़ी ताकत है। एक करीबी और भरोसेमंद साझेदार के रूप में, हम त्रिनिदाद और टोबैगो के लोगों के कौशल विकास और क्षमता निर्माण पर जोर दे रहे हैं। हमारा सहयोग पूरे वैश्विक दक्षिण के लिए महत्वपूर्ण है। दो जीवंत लोकतंत्रों के रूप में, हम लोगों के कल्याण के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
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