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G7: PM मोदी ने की बाइडन और ट्रूडो से की अलग-अलग मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा

Sat, 15 Jun 2024 02:57 AM IST
विशांत श्रीवास्तव अमर उजाला, न्यूज डेस्क, बारी

सार

जी-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति और कनाडाई प्रधानमंत्री से अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की। पिछले साल खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से ही भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव देखने को मिला है।
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जी-7 पीएम मोदी - फोटो : ani
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विस्तार
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पिछले साल खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर दोनों देशों भारत-कनाडा के संबंधों के बीच चल रहे तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कनाडाई प्रधानमंत्री से जस्टिन ट्रूडो के साथ एक संक्षिप्त बातचीत की।

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मोदी बाइडन के बीच बातचीत न्यूयॉर्क में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की नाकाम साजिश के 7 महीने बाद हुई है। सिख अलगाववादी की हत्या की नाकाम कोशिश में अमेरिका ने भारत का हाथ होने का आरोप लगाया था। हालांकि अमेरिका के आरोपों की जांच के लिए भारत ने पहले ही एक उच्च स्तरीय जांच दल नियुक्त कर दिया है।

बाइडन और ट्रूडो से मुलाकात के बाद किया ट्वीट

बाइडन से मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘राष्ट्रपति बाइडन से मुलाकात करना हमेशा सुखद होता है। भारत और अमेरिका विश्व की भलाई के लिए एक साथ काम करेंगे।’ वहीं ट्रूडो से मुलाकात के बाद भी पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी। पीएम मोदी एक्स पर लिखा, जी-7 सम्मेलन में कैनाडियन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात की।’
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दोनों ही नेताओं पीएम मोदी और ट्रूडो ने मुलाकात के दौरान एक दूसरे का अभिवादन किया। हालांकि ये अभी तक पता नहीं चल सका कि दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई। 

 निज्जर की हत्या के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव

पिछले साल सितंबर में ब्रिटिश कोलंबिया में निज्जर की हत्या के बाद कनाडाई प्रधानमंत्री ने हत्या में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता का आरोप लगाया था। जिसके बाद से ही दोनों देशों के रिश्तों तनावपूर्ण हो गए थे। हालांकि भारत ने ट्रूडो के आरोपों को निराधार और बेकार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था। 

‘कनाडा की धरती पर खालिस्तानी समर्थकों को जगह दी जाती है’

भारत हमेशा से कहता रहा कि कनाडा की धरती पर खालिस्तान समर्थकों को छूट देना दोनों के बीच तनाव कारण रहा है। भारत के विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बुधवार को कहा था कि कनाडा के साथ तनाव का बड़ा कारण कनाडा के भारत विरोधी तत्वों को जगह देना है। जो कि हिंसा और उग्रवाद को बढ़ावा देता है।

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