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Japan: पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने हिरोशिमा पीस मेमोरियल पार्क पहुंचे, पुष्पांजलि की अर्पित

Sun, 21 May 2023 06:36 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हिरोशिमा

सार

 हिरोशिमा पीस मेमोरियल पार्क न्यूक्लियर अटैक के पीड़ितों की याद में बनाया गया है। छह अगस्त 1945 को अमेरिका ने हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था।
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पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने जापान में हिरोशिमा पीस मेमोरियल पार्क में पुष्पांजलि अर्पित की - फोटो : ANI
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विस्तार
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पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने जापान में हिरोशिमा पीस मेमोरियल पार्क में पुष्पांजलि अर्पित की। यह पार्क न्यूक्लियर अटैक के पीड़ितों की याद में बनाया गया है। दरअसल, हिरोशिमा परमाणु हमले का गवाह रहा है। छह अगस्त 1945 को अमेरिका ने हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था। इसमें लाखों लोग मारे गए थे। पीएम मोदी के साथ अन्य नेताओं ने भी परमाणु हमले में मारे गए हिरोशिमा के लोगों को श्रद्धांजलि दी।

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सुनक से मिले पीएम मोदी
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के हिरोशिमा में यूनाइटेड किंगडम के प्रधान मंत्री ऋषि सुनक के साथ द्विपक्षीय बैठक की



जवाहरलाल नेहरू के बाद दूसरे पीएम जो पहुंचे हिरोशिमा
देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरे पीएम हैं, जो हिरोशिमा पहुंचे हैं। विदेशी मामलों के जानकार और वरिष्ठ राजनयिक एसएन प्रकाश कहते हैं कि मोदी का जी-7 में शिरकत करना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ रही महत्ता की निशानी ही है। वह कहते हैं कि बीते कुछ सालों में भारत ने जिस तरीके से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित देशों में धाक जमाते हुए समूची दुनिया में ख्याति अर्जित की है, उससे पूरी दुनिया की निगाहें भारत की ओर लगी हुई हैं। 

विदेशी मामलों के जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी हिरोशिमा में रहेंगे, क्योंकि हिरोशिमा ही एक ऐसा शहर है, जहां पर पहला परमाणु हमला हुआ था और इसके प्रभावित परिवार आज भी उस हमले का दंश झेल रहे हैं। विदेशी मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि जापान परमाणु संपन्न देशों को हिरोशिमा में उन परिवारों से भी मिलवाने की योजना बना रहा है, जो इस हमले का दंश झेल चुके हैं।
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विदेशी मामलों के जानकारों और वरिष्ठ राजनयिकों का कहना है कि जापान समेत कई देश परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) को समूची दुनिया में परमाणु संपन्न देशों के साथ लागू करना चाहते हैं। क्योंकि भारत शुरुआत से ही एनपीटी को भेदभाव पूर्ण मानता आया है और अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए ही अपनाने की बात करता है।
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