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National Security Policy: इमरान खान ने पहली बार पाक की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पेश की, नागरिक केंद्रित फ्रेमवर्क पर तैयार किया गया

Fri, 14 Jan 2022 09:16 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

इमरान ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में नाकाम रहीं। उन्होंने कहा कि 100 पन्नों के मौलिक दस्तावेज में राष्ट्रीय सुरक्षा को साफ  तरीके से परिभाषित किया गया है।
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इमरान खान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पीएम इमरान खान ने शुक्रवार को देश की पहली राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पेश की जिसे नागरिक केंद्रित फ्रेमवर्क पर तैयार किया गया है। इसमें देश को सैन्य ताकत पर केंद्रित एक आयामी सुरक्षा नीति के बजाय आर्थिक सुरक्षा को केंद्र में रखा गया है। इससे पहले पाक एनएसए ने कहा, इस नीति में जिक्र है कि भारत लोगों की बेहतरी के लिए क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाए ताकि क्षेत्र को नुकसान से बचाया जा सके।

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पिछले महीने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति और मंत्रिमंडल से अनुमोदित सुरक्षा नीति के सार्वजनिक संस्करण जारी करते हुए इमरान ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में नाकाम रहीं। उन्होंने कहा कि 100 पन्नों के मौलिक दस्तावेज में राष्ट्रीय सुरक्षा को साफ  तरीके से परिभाषित किया गया है। इस नीति को नागरिकों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है और आर्थिक सुरक्षा को केंद्रबिंदु बनाया गया है। 

इस नीति को लेकर एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने देश के एनएसए मोईद यूसुफ के हवाले से कहा कि विदेशी मामलों के मोर्चे पर नई नीति में भ्रामक सूचना, हिंदुत्व और भारत से खतरे का भी जिक्र है। खबर में जम्मू-कश्मीर को द्विपक्षीय संबंध के केंद्र में रखने का भी जिक्र है। यूसुफ ने कहा, यह नीति भारत को कहती है कि सही कार्य करिए और हमारे लोगों की बेहतरी के लिए क्षेत्रीय संपर्क से जुड़िए।
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प्रधानमंत्री व रक्षामंत्री में हुई तीखी बहस
पाक पीएम इमरान खान और रक्षामंत्री परवेज खट्टक के बीच संसदीय दल की बैठक में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की उपेक्षा को लेकर तीखी बहस हुई। खट्टक ने सरकार द्वारा उत्तर पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की उपेक्षा पर सवाल उठाकर कहा था कि वह इमरान खान को वोट नहीं देंगे, जिससे प्रधानमंत्री नाराज हो गए। मीडिया की एक खबर में शुक्त्रस्वार को यह जानकारी दी गई।

‘डान’ अखबार में शुक्रवार को छपी खबर के अनुसार, यह मामला बृहस्पतिवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री खान की अध्यक्षता में सत्तारूढ़ गठबंधन के संसदीय दल की बैठक के दौरान उठा। संसद में विवादास्पद अनुपूरक वित्त विधेयक-2022 (लघु बजट) को मंजूरी देने के लिए बुलाई गई बैठक में भाग लेते समय रक्षा मंत्री ने कथित तौर पर कहा कि अगर कम विकसित प्रांत के लोगों को नए गैस कनेक्शन नहीं दिए गए तो वह प्रधानमंत्री खान को वोट नहीं देंगे। इस पर नाराज होते हुए इमरान खान ने कहा कि वे उन्हें ‘ब्लैकमेल’ करना बंद करें।
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