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ब्रह्मांड में कहीं और जीवन संभव है?: सितारों के चारों ओर मिलीं प्लाज्मा रिंग, कैसे देंगी ग्रहों की जानकारी

Mon, 06 Apr 2026 05:16 AM IST
Shubham Kumar अमर उजाला नेटवर्क

सार

क्या ब्रह्मांड में कहीं और जीवन संभव है? अब इसका जवाब खोजने का नया तरीका सामने आया है। वैज्ञानिकों ने कुछ सितारों के चारों ओर घूमने वाली विशाल प्लाज्मा रिंग्स खोजी हैं। ये रिंग्स अंतरिक्ष के खतरनाक स्पेस वेदर को समझने में मदद करती हैं। इससे पता चलेगा कि किसी ग्रह का वातावरण सुरक्षित है या नहीं और वहीं तय होगा कि वहां जीवन की संभावना है या नहीं।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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क्या ब्रह्मांड में कहीं और जीवन संभव है? अब इसका जवाब खोजने का एक नया तरीका सामने आया है और वह खुद सितारों से जुड़ा है। वैज्ञानिकों ने ऐसी विशाल प्लाज्मा रिंग्स की खोज की है, जो कुछ सितारों के चारों ओर गैस के घने, गर्म छल्लों की तरह घूमती हैं। ये रिंग्स अंतरिक्ष के खतरनाक मौसम जैसे तेज विकिरण और ऊर्जावान कणों की गतिविधि को समझने में मदद करती हैं। आसान शब्दों में ये प्राकृतिक सेंसर की तरह बताती हैं कि किसी ग्रह का वातावरण सुरक्षित रह सकता है या नहीं, और उसी से तय होगा कि वहां जीवन की संभावना बनती है या खत्म हो जाती है।

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अब तक किसी ग्रह को समझने के लिए वैज्ञानिक उसके तापमान और रोशनी पर ध्यान देते थे, लेकिन असली खतरा स्पेस वेदर से आता है। इसमें सौर हवाएं, चुंबकीय तूफान और ऊर्जावान कण शामिल हैं, जो किसी ग्रह के वातावरण को धीरे-धीरे खत्म कर सकते हैं। कार्नेगी इंस्टीट्यूशन के वैज्ञानिक ल्यूक बौमा के मुताबिक कई मामलों में ये कण रोशनी से भी ज्यादा असर डालते हैं, लेकिन इन्हें दूर से मापना अब तक लगभग असंभव था।

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चमक में गिरावट से खुला रहस्य
कुछ युवा एम-ड्वार्फ सितारों की रोशनी में बार-बार गिरावट देखी जा रही थी। वैज्ञानिकों को समझ नहीं आ रहा था कि यह सतह के धब्बों की वजह से है या किसी बाहरी पदार्थ के कारण। विस्तृत विश्लेषण के बाद पता चला कि यह गिरावट दरअसल प्लाज्मा के विशाल बादलों के कारण होती है, जो सितारे के शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र में फंसे रहते हैं। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि अपने शुरुआती चरण में करीब 10 प्रतिशत एम-ड्वार्फ सितारों के आसपास ऐसे प्लाज्मा रिंग मौजूद हो सकते हैं।
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जीवन की तलाश को मिला नया रास्ता
इस खोज से अब यह समझना आसान होगा कि कौन से ग्रह लंबे समय तक अपना वातावरण बचा सकते हैं और किन पर जीवन की संभावना खत्म हो सकती है। आगे वैज्ञानिक यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि इन रिंग्स का प्लाज़्मा सितारे से आता है या कहीं और से।वैज्ञानिकों का मानना है कि अभी यह तय नहीं है कि एम-ड्वार्फ सितारों के आसपास जीवन संभव है या नहीं, लेकिन इतना साफ है कि इस सवाल का जवाब स्पेस वेदर को समझे बिना नहीं मिल सकता।

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