फिलीपींस के राष्ट्रपति ने भारत का आभार व्यक्त किया है। दरअसल, इस महीने अदन की खाड़ी में हूती विद्रोहियों द्वारा एक व्यापारिक जहाज के चालक दल को पकड़ लिया गया था। छह मार्च को भारतीय नौसेना की चिकित्सा टीम ने एमवी कॉन्फिडेंस के सभी चालक दल के सदस्यों को बचाया और उन्हें महत्वपूर्ण देखभाल प्रदान की। भारत की तेज और निर्णायक कार्रवाई पर फिलिपिनो राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर ने अपना आभार प्रकट किया।
द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान दो फिलिपिनो सहित चालक दल के तीन सदस्यों की मौत हो गई। हमले में जीवित बचे सभी फिलिपिनो सदस्यों को वापस भेज अपने देश भेज दिया गया। राष्ट्रपति मार्कोस ने कहा कि एमवी टू कॉन्फिडेंस घटना में शामिल फिलिपिनो नाविकों को बचाने के लिए भारत की त्वरित कार्रवाई के लिए मैं भारत सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि मैं हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हूं।
जयशंकर का फिलीपींस दौरा
बता दें, सिंगापुर दौरा खत्म कर केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर मंगलवार को फिलीपींस पहुंचे हैं। फिलीपींस के विदेश मंत्री एनरिके मनालो के साथ जयशंकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि भारत अपनी राष्ट्रीय संप्रभुत्ता को बनाए रखने के लिए फिलीपींस का समर्थन करता है। जयशंकर ने कहा कि मनीला में मनालो के साथ उन्होंने चर्चा की, जो बहुत अच्छी रही। उन्होंने कहा कि मैं इस अवसर पर फिलीपींस की राष्ट्रीय संप्रभुता को बनाए रखने के लिए भारत के समर्थन को दोहराता हूं। हर देश को अपनी संप्रभुता को बनाए रखने और उसे लागू करने का पूरा अधिकार है।
जयशंकर ने राष्ट्रपति से भी की मुलाकात
इसके अलावा, उन्होंने फिलीपींस के राष्ट्रपति बॉन्गबॉन्ग मार्कोस से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से उन्हें व्यक्तिगत शुभकामनाएं भी दी। राष्ट्रपति मार्कोस के साथ जयशंकर ने द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने इसकी जानकारी दी