अधिकारियों के मुताबिक, मेडेलिन में घरों की छत और दीवार गिरने से अलग-अलग परिवारों के 12 लोग मारे गए। इनमें से कई लोग देर रात को गहरी नींद में थे। वहीं, सैन रेमिजियो कस्बे में एक बास्केटबॉल मैच के दौरान भूकंप से बचने की कोशिश कर रहे पांच लोगों की जान गई। इनमें तीन कोस्ट गार्ड, एक दमकलकर्मी और एक बच्चा शामिल है। भूकंप से दमकल केंद्र, सड़कों, गिरजाघर और कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय अधिकारियों ने खाद्य सामग्री और पीने के पानी की तत्काल जरूरत बताई है।
फिलीपींस के वॉल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी संस्थान ने शुरुआती चेतावनी में सुनामी की आशंका जताई थी। इसमें लोगों को सेबू और आसपास के लेयते और बिलिरन प्रांत में तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी गई थी। इन स्थानों पर एक मीटर (तीन फीट) ऊंची लहरें उठने की संभावना जताई गई थी। हालांकि, बाद में अलर्ट हटा लिया गया।
गौरतलब है कि यह भूकंप ऐसे समय आया है जब फिलीपींस के कई इलाकों में दो दिन पहले ही भीषण तूफान ने जबरदस्त तबाही मचाई थी। इसमें कम से कम 27 लोगों की जान चली गई थी। इनमें से अधिकतर की मौतें पानी में डूबने और पेड़ों के गिरने से हुई थी। हजारों लोगों को खतरे वाली जगहों से निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर रखा गया था।
Earthquake: फिलीपींस में आया 6.9 की तीव्रता का भूकंपस सुनामी की चेतावनी नहीं
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में गिना जाता है फिलीपींस
फिलीपींस दुनिया के उन क्षेत्रों में आता है जहां आपदा आने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। खासकर भूकंप का। दरअसल, फिलीपींस प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर पर स्थित है, जहां अधिकतर भूकंप और ज्वालामुखी में विस्फोट होते हैं और यह क्षेत्र के लिए आम लोगों के लिए बड़ा खतरा बन जाता है।