फिलिपींस के राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस जूनियर ने गुरुवार को अपने सभी कैबिनेट सचिवों को पद से इस्तीफा देने को कहा है। उन्होंने इसे 'नया साहसिक कदम' बताया है। पिछले हफ्ते हुए मध्यावधि चुनावों में पक्षी उम्मीदवारों ने सीनेट की महत्वपूर्ण सीटों पर जीत हासिल कर ली थी। जिसके बाद राष्ट्रपति मार्कोस ने कैबिनेट में फेरबदल करने का एलान किया है।
मार्कोस (67 वर्षीय) 1986 में अपदस्थ किए गए फिलीपींस के पूर्व तानाशाह के बेटे हैं। उन्होंने 2022 में एक बड़े चुनावी अंतर से राष्ट्रपति पद जीता था। उन्होंने राष्ट्रीय एकता लाने की बात कही थी। यह उनकी एक चौंकाने वाली राजनीतिक वापसी थी। लेकिन उनकी उपराष्ट्रपति पद की साथी उम्मीदवार सारा दुतेर्ते भी उतनी ही लोकप्रिय थीं, बाद में वह उनसे अलग हो गईं। इस मतभेद ने देश में राजनीतिक संकट पैदा हो गया था।
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चीन के मुखर आलोचक रहे मार्कोस
अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों के समर्थन से मार्कोस चीन की बढ़ती आक्रामकता के सबसे मुखर आलोचक के रूप में उभरे, खासकर विवादित दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर। साथ ही वे देश के कई पुराने अंदरूनी मुद्दों से भी जूझते रहे। इनमें महंगाई, चावल की कीमत कम करने के चुनावी वादे को पूरा करने में देरी और अपहरण व अन्य अपराधों की बढ़ती घटनाएं जैसे मुद्दे शामिल थे।
'जनता परिणाम चाहती है, राजनीति नहीं'
सरकार की ओर से जारी बयान में मार्कोस के हवाले से कहा गया, यह सामान्य तरीके से काम करने का समय नहीं है। जनता ने अपना जनादेश दे दिया है और अब वह परिणाम चाहती है, न कि राजनीति या बहाने। हम उनकी आवाज सुन रहे हैं और हम कदम उठाएंगे। बयान में कहा गया कि हाल ही में हुए चुनावों के नतीजों के बाद राष्ट्रपति मार्कोस ने अपनी सरकार के पुनर्गठन के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए सभी कैबिनेट सचिवों से 'आदरपूर्वक इस्तीफा' देने को कहा।
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21 कैबिनेट सचिवों ने सौंपे इस्तीफे या सहमति दी
सरकार ने कहा कि 'आदरपूर्वक इस्तीफों की मांग' का मकसद राष्ट्रपति को यह आजादी देना है कि वे हर मंत्रालय के कामकाज की समीक्षा कर सकें और तय कर सकें कि नई प्राथमिकताओं के अनुसार कौन आगे सरकार में बना रहेगा। कम से कम 21 कैबिनेट सचिवों ने कार्यकारी सचिव लुकास बर्सामिन के नेतृत्व में या तो तुरंत अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं या इस्तीफा देने के लिए अपनी सहमति जता दी है।
चुनाव में क्या हुआ?
12 सीनेट सीटों में से 5 सीटें पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते या उनकी बेटी सारा दुतेर्ते के समर्थकों ने जीतीं। राष्ट्रपति मार्कोस के समर्थकों को भी 5 सीटें मिलीं। 2 सीटें लिबरल डेमोक्रेट्सस ने जीत लीं, जो पूर्व राष्ट्रपति बेनिग्नो एक्विनो तृतीय से जुड़े हैं। ये लोग लंबे समय से मार्कोस परिवार के विरोधी रहे हैं।
सारा दुतेर्ते पर आरोप
उपराष्ट्रपति सारा दुतेर्ते पर भ्रष्टाचार और हत्या की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। जुलाई में सीनेट में उनके खिलाफ महाभियोग चलाया जाएगा। उन्होंने नवंबर में एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति, उनकी पत्नी और हाउस स्पीकर मार्टिन रोमुआल्देज को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी थी। बाद में उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया था।