दुनिया डेल्टा वैरिएंट को लेकर चिंतित है। इसी बीच ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि फाइजर का टीका कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के लक्षण वाले संक्रमण से बचाने में 88 फीसदी तक असरदार है। इससे पहले डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ स्कॉटलैंड के वैज्ञानिकों ने फाइजर के टीके को 79 फीसदी जबकि कनाडा के वैज्ञानिकों ने 87 फीसदी कारगर बताया था।
इस्राइल : टीका 65 फीसदी असरदार
इस्राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में बताया था कि फाइजर कंपनी का टीका कोरोना के सभी वैरिएंट के खिलाफ 64 फीसदी असरदार है। इससे पहले मई में इस्राइल ने टीके को 95 फीसदी असरदार बताया था। टीके के असर को लेकर अलग-अलग परिणामों को लेकर भी दुनियाभर में बहस शुरू हो गई है।
टीका ही एकमात्र विकल्प
वैज्ञानिकों का कहना है कि टीके परीक्षण में पास हुए हैं, इस आधार पर टीका हर किसी को लगवाना चाहिए, वायरस के किस रूप के खिलाफ टीका कारगर नहीं है ये सब अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। अभी जो नतीजा सामने है उस अनुसार सभी टीके कुछ न कुछ हद तक डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ असरदार है, ऐसे में टीका लगवाने में देरी न हो।
सटीक आकलन संभव नहीं
एमॉरी यूनिवर्सिटी के डीन नटाली का कहना है कि टीके के प्रभाव को लेकर वैज्ञानिकों की अलग अलग राय के कारण भ्रम की स्थिति बन गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि टीके का सटीक प्रभाव बताना कठिन होगा। ये भी कहना है कि किसी एक अध्ययन से टीके के प्रभाव या असर का सटीक आकलन संभव नहीं है।