पीट हेगसेथ का आर्मी नेशनल गार्ड में अनुभव रक्षा सचिव पद के लिए एक मजबूत पक्ष माना जा सकता है, लेकिन उनके रिकॉर्ड में कुछ विवादास्पद बयान और कृत्य भी हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न के आरोप, अत्यधिक शराब पीने की आदत, और महिला सैनिकों, अल्पसंख्यकों और 'वोक' जनरलों के बारे में नकारात्मक राय शामिल हैं।
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीट हेगसेथ को रक्षा मंत्री के पद के लिए चुना है और अब उन्हें खुद को इस पद के लिए सक्षम साबित करना होगा, इसके लिए उन्हें सीनेट के परीक्षण से गुजरना होगा। सीनेटर यह जानने की कोशिश करेंगे कि क्या हेगसेथ अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का नेतृत्व करने में सक्षम हैं या नहीं। पीट हेगसेथ एक पूर्व अमेरिकी सैनिक और मौजूदा समय में एक टीवी शो होस्ट हैं।
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पद के लिए क्यों बेहतर उम्मीदवार हैं हेगसेथ?
रक्षा मंत्री के पद के लिए हेगसेथ का सेना में नेशनल गार्ड के साथ काम करने का अनुभव एक अच्छा पक्ष माना जाता है। लेकिन उनकी शराब पीने की आदत, महिलाओं, अल्पसंख्यकों को लेकर विवादित बयानों के कारण सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या वह रक्षा सचिव की जिम्मेदारी निभाने के लिए सही हैं। हालांकि, हेगसेथ ने वादा किया है कि अगर वह रक्षा सचिव बन जाते हैं तो वह शराब नहीं पिएंगे।
सबसे विवादित उम्मीदवारों में से एक हैं हेगसेथ
हेगसेथ ट्रंप की कैबिनेट के लिए लिए सबसे विवादित उम्मीदवारों में से एक हैं। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक उन्हें ट्रंप की नीतियों का एक अच्छा उदाहरण के रूप में पेश कर रहे हैं और उनका समर्थन कर रहे हैं। हेरिटेज फाउंडेशन जैसे कुछ संगठन हेगसेथ के पक्ष में महंगा प्रचार अभियान चला रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, सीनेट के कई सदस्य अभी तक पीट हेगसेथ से नहीं मिले हैं और अधिकतर उनके एफबीआई बैकग्राउंड चेक तक पहुंच नहीं रखते, क्योंकि यह केवल समिति के नेताओं को उपलब्ध है। हेगसेथ की स्थिति में सुधार की संभावना है, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश ब्रेट कावानॉघ के मामले में हुआ था, जब उन्हें यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना करना पड़ा था।
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इराक और अफगानिस्तान में तैनात थे हेगसेथ
पीट हेगसेथ, जो पहले 'फॉक्स एंड फ्रेंड्स वीकेंड' शो के सह-मेजबान थे, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ध्यान में आए। वे 2002 से 2021 तक आर्मी नेशनल गार्ड में रहे और इराक और अफगानिस्तान में भी तैनात रहे। अगर वे इस पद के लिए नियुक्त होते है, तो वह एक ऐसे सैन्य का नेतृत्व करेंगे जो वैश्विक संकटों और घरेलू भर्ती और समर्थन समस्याओं का सामना कर रहा है।