अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को शपथ ग्रहण करेंगे। इससे पहले वॉशिंगटन डीसी में रविवार को हजारों लोगों ने ट्रंप की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लोग सड़कों पर उतरे और पीपुल्स मार्च बैनर के तले रैली निकाली। बताया जाता है कि प्रदर्शन में करीब पांच हजार लोगों ने भाग लिया। इसके अलावा अमेरिका के छोटे शहरों में भी प्रदर्शन हुए।
अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को व्हाइट हाउस में मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन की जगह लेंगे। ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर जोरदार तैयारियां चल रही हैं। वहीं ट्रंप के शपथ ग्रहण से एक दिन पहले वॉशिंगटन डीसी की सड़कों पर लोगों ने प्रदर्शन किया। पीपुल्स मार्च में लोग ट्रंप विरोधी पोस्टर और बैनर लिए हुए थे। उन्होंने नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दिग्गज अरबपति एलन मस्क समेत कुछ अन्य समर्थकों के खिलाफ नारेबाजी की। तीन अलग-अलग पार्क से शुरू हुए मार्च लिंकन मेमोरियल के पास संपन्न हुए।
बताया जाता है कि जनवरी 2017 में जब ट्रंप पहली बार राष्ट्रपति बने थे तब भी पीपुल्स मार्च का आयोजन किया गया था। प्रदर्शन के दौरान पीपुल्स मार्च के लोगों ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के जरिये हम लोगों को बताना चाहते हैं कि हम उनके आदेशों को मानने वाले नहीं हैं और न ही हम फासीवाद के सामने झुक रहे हैं। हम अन्य लोगों को ऐसा करने के लिए आमंत्रित करते हैं।
प्रदर्शन में एबॉर्शन एक्शन नाउ, टाइम टू एक्ट, सिस्टरसॉन्ग, विमेंस मार्च, पॉपुलर डेमोक्रेसी इन एक्शन, हैरियट्स वाइल्डेस्ट ड्रीम्स, द फेमिनिस्ट फ्रंट, नाउ, प्लांड पैरेंटहुड, नेशनल विमेंस लॉ सेंटर एक्शन फंड, सिएरा क्लब और फ्रंटलाइन समेत कई संगठन शामिल रहे। जबकि पीपुल्स मार्च से इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया। वॉशिंगटन डीसी के अलावा न्यूयॉर्क, सिएटल और शिकागो समेत कई शहरों में प्रदर्शन हुए।
एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि हम वास्तव में महिलाओं, समानता, अप्रवासन समेत हर चीज का समर्थन करना चाहते थे। मगर अब हमें लगता है कि हमारे पास अभी कुछ कहने को नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप की नीतियों और सिद्धांतों की निंदा की।