ह्यूस्टन के सुगरलैंड मेमोरियल पार्क में प्रार्थना सभा की शुरुआत भारत और अमेरिका के राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद एक हिंदू पुजारी ने दिवंगत आत्माओं के लिए प्रार्थना की। वहीं छोटे बच्चों और बुजुर्गों की भीड़ ने मौन रखा। उत्तरी अमेरिका के अन्य शहरों में भी मृतकों की आत्मशांति के लिए प्रार्थना की गई।
पहलगाम हमले की दुनियाभर में निंदा हो रही है। ह्यूस्टन में सैकड़ों भारतीय अमेरिकियों ने पहलगाम हमले के मृतकों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही भारत से ऐसे हमलों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की अपील की। उत्तरी अमेरिका के अन्य शहरों में भी मृतकों की आत्मशांति के लिए प्रार्थना की गई।
विज्ञापन
ह्यूस्टन के सुगरलैंड मेमोरियल पार्क में प्रार्थना सभा की शुरुआत भारत और अमेरिका के राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद एक हिंदू पुजारी ने दिवंगत आत्माओं के लिए प्रार्थना की। वहीं छोटे बच्चों और बुजुर्गों की भीड़ ने मौन रखा। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने शोक मनाने के लिए सफेद रंग के कपड़े पहने हुए थे। लोग निर्दोषों की हत्या बंद करो, आतंकवाद के खिलाफ भारतीय अमेरिकी, कश्मीर पीड़ितों के लिए न्याय, और हिंदू जीवन मायने रखता है लिखी तख्तियां थामे हुए थे। इस दौरान भारत माता के जयकारे गूंजे।
कार्यक्रम में एक वक्ता ने कहा कि भारत को कश्मीर से लेकर मुर्शिदाबाद तक हिंदुओं की हत्याओं को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। दूसरे वक्ता ने समुदाय से निर्दोष हिंदुओं की अमानवीय हत्याओं के खिलाफ़ एकजुट होने की अपील की। राजनीतिक टिप्पणीकार सुनंदा वशिष्ठ ने कहा कि हम पहलगाम आतंकी हमले में निर्दोष हिंदुओं की दुखद मौत पर शोक व्यक्त करते हैं। यह सिर्फ व्यक्तियों पर नहीं बल्कि मानवता, शांति और आस्था के सिद्धांतों पर हमला था।
उत्तरी अमेरिका में हुईं प्रार्थना सभाएं
पहलगाम हमले के मृतकों की आत्म शांति के लिए उत्तरी अमेरिका में भी प्रार्थनाएं हुईं। कनाडा के ओंटारियो में श्री भगवद् गीता पार्क, सिएटल में डेनी पार्क, कैलिफोर्निया के आर्टेसिया में पायनियर बुलेवार्ड, डलास में टेक्सास विश्वविद्यालय और जॉर्जिया के अटलांटा में सभाएं हुईं।
सिएटल के डेनी पार्क में वाशिंगटन हिंदू शिक्षा और सेवा फाउंडेशन के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होना थीम के तहत सभा में लगभग 50 लोग एकत्र हुए। अटलांटा में नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन (NFIA) के अध्यक्ष राज राजदान ने हत्याओं की निंदा करते हुए इसे कायरतापूर्ण और मूर्खतापूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी एकजुट हैं। ये हमले हमें नहीं तोड़ पाएंगे।
कनाडा में निकाला कैंडल मार्च।
- फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब
कनाडा में भारतीयों ने निकाला कैंडल मार्च
पहलगाम हमले के मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए कनाडा के टोरंटो में हिंदू फोरम और अन्य हिंदू कनाडाई संगठनों ने कैंडल मार्च निकाला। टोरंटो की सड़कों पर पांच सौ से ज्यादा कनाडाई हिंदू, यहूदी, बलूच और ईरानी नागरिक एकत्र हुए। उन्होंने मार्च निकाला और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। सभी ने कनाडा सरकार से पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने की मांग की। कनाडाई पत्रकार डैनियल बोर्डमैन ने कहा कि हम आतंकी हमले के पीड़ितों के साथ खड़े हैं, न कि अपराधी के साथ, क्योंकि कश्मीरी हिंदुओं ने अपने इतिहास में सात नरसंहारों का सामना किया है। अगर हम इसके खिलाफ खड़े नहीं होते हैं, दुनिया एक मजबूत स्थिति नहीं लेती है, तो उन्हें आठवें नरसंहार का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए ऐसा होने से रोकना महत्वपूर्ण है और इसका एक हिस्सा कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता दिखाना है, जिन्हें आतंकवादियों ने निशाना बनाया था। मुझे लगता है कि कनाडाई सरकार को एक मजबूत बयान जारी करने की जरूरत है। हम यह मानसिकता नहीं रख सकते कि दुनिया भर की वैचारिक समस्याएं हमें यहां प्रभावित नहीं करेंगी। हम एक वैश्वीकृत दुनिया में रहते हैं। इसलिए बुरे विचारों का मुकाबला करना महत्वपूर्ण है।