कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के बीच चीन के लोग देशभर में घूम रहे हैं। यहां लोग इसलिए नहीं घूम रहे हैं कि घूमने पर पाबंदी हटा दी गई है बल्कि वो वैक्सीन की तलाश में घूम रहे हैं। चीन कुछ चुनिंदा जगहों पर प्रायोगिक वैक्सीन दे रहा है, ऐसा दावा है कि जो लोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए देश छोड़ने की योजना बना रहे हैं, वो इन जगहों की यात्रा कर रहे हैं।
चीन ने जरूरी कर्मचारियों के लिए जुलाई में इमरजेंसी वैक्सीन प्रोग्राम शुरू किया था। अब चीन ने इस प्रोग्राम को और बढ़ा दिया है और अब 18-59 साल की उम्र वाले लोग भी टीके के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इस टीके की दो डोज की कीमत 4,380 रुपये (400 यूआन) है। इसके अलावा प्रति डोज पर 308 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लग रहा है।
चीन का झेजियांग, पहला ऐसा प्रांत है जो गैर जरूरी निवासियों को भी टीके लगाने की सुविधा दे रहा है। यह वैक्सीन शॉट्स अभी भी परीक्षण के तहत हैं, इसे लगाने के लिए लोगों को आवेदन पत्र में बताना होता है कि वो इस इमरजेंसी वैक्सीन को क्यों लगवा रहे हैं?
चीन में कोविड-19 के वैक्सीन शॉट्स सिर्फ इमरजेंसी के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। स्थानीय निवासी सलाह के लिए आते हैं और संबंधित जानकारी जैसे, नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि छोड़ जाते हैं, इसके बाद आगे की कार्यवाही के लिए इंतजार करते हैं।
चीन में दी जा रही इमरजेंसी वैक्सीन प्रोग्राम विश्व स्वास्थ्य संगठन और साथ ही चीन की समीक्षा प्रक्रिया का पालन कर रहा है। चीन के वैक्सीन मैन्यूफैक्चर्र्स सिनोविक, सिनोफार्म और कैनसिनो क्लीनिकल परीक्षण कर रहे हैं। ये क्लीनिकल परीक्षण ब्राजील, तुर्की, इंडोनेशिया, यूएई, मिस्र, रूस और पाकिस्तान में किए जा रहे हैं।