बांग्लादेश में हिंदुओं की हालत लगातार खराब होती जा रही है। यहां मोहम्मद युनूस की सरकार के बनने के बाद कट्टरपंथी संगठनों के हौसले और भी ज्यादा बुलंद हो गए हैं। उपद्रवी कभी मंदिरों तो कभी उनके घरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाल ही में हिंदुओं के जाने-माने नेता चिन्मय कृष्ण दास को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बाद से यहां लगातार तनाव जारी है। इस हिंसक रवैये की चिंगारी कनाडा तक पहुंच गई है। यहां हिंदू समुदाय के लोग टोरंटो में स्थित बांग्लादेशी दूतावास के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।
'बांग्लादेश अल्पसंख्यकों की हत्या करना बंद करे'
हिंदू समुदाय से ताल्लुक रखने वाले एक कनाडाई नागरिक ने कहा, 'हम कनाडाई हिंदू टोरंटो में बांग्लादेश दूतावास के सामने विरोध करने के लिए यहां एकत्र हुए हैं। हम विरोध कर रहे हैं क्योंकि हमने देखा है कि इस साल की तीन अगस्त से बांग्लादेश में क्या हो रहा है। हम चाहते हैं कि बांग्लादेश अल्पसंख्यकों, हिंदुओं की हत्या करना बंद करे।'
अफगानिस्तान, पाकिस्तान और अब...
बांग्लादेशी मूल की एक महिला ने विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा बनकर कहा, 'आज बांग्लादेश में जो कुछ भी हो रहा है, बांग्लादेशी मूल होने के नाते मेरी संवेदना उनके साथ है। इसे रोकने की जरूरत है। हम अफगानिस्तान से गायब हो गए हैं और हम पाकिस्तान से गायब हो गए हैं, अगर हमें अभी नहीं बचाया गया, तो हम बांग्लादेश से भी गायब हो जाएंगे। यह हमारी जमीन थी, हमारी 14 पीढ़ियां वहीं पैदा हुईं।