कोरोना प्रतिबंधों का न्यूजीलैंड में विरोध
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कोरोना प्रतिबंधों और वैक्सीनेशन के विरोध में मंगलवार को न्यूजीलैंड की संसद के पास ट्रकों और वाहनों से रोड को जाम कर दिया गया है। कनाडा के बाद यहां भी लोग प्रदर्शन पर उतर गए हैं। 'हमें अपनी आजादी वापस दो' और 'जबरदस्ती सहमति नहीं है; जैसे मैसेज से सजी सैकड़ों गाड़ियां संसद भवन के आसपास की सड़कों पर खड़ी की गई हैं।
सिटी सेंटर के चारों तरफ भी भारी संख्या में लोग हॉर्न बजाते हुए जमा हो गए हैं। लोगों का कहना है कि हमारे अधिकारों का हनन किया जा रहा है। हमारी बातें सरकार सुन नहीं रही है।
एक प्रदर्शनकारी का कहना है कि 'मुझे वैक्सीन लग गई है लेकिन मैं वैक्सीनेशन अनिवार्य करने के खिलाफ हूं। मुझे लगता है कि वैक्सीनेशन के लिए लोगों को मजबूर करना शर्मनाक है।' हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्व रहा। पुलिस ने किसी को हिरासत में नहीं लिया है और ना ही कोई बड़ी घटना हुई।
प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने एक रेडियो से बातचीत में कहा कि उनका प्रदर्शन पर चर्चा का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि न्यूजीलैंड के अधिकांश लोगों ने सरकार के वैक्सीनेशन कार्यक्रम के लिए अपना समर्थन दिखाया है। 96 प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। जिसने कोरोना के बीच जीने में लोगों को सक्षम बनाया है।
न्यूजीलैंड में स्वास्थ्य, कानून, शिक्षा और रक्षा जैसे कुछ क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए कोविड टीकाकरण अनिवार्य है। यहां लोगों को रेस्तरां, खेल आयोजनों और धार्मिक जगहों पर प्रवेश करने के लिए वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य है। हालांकि, सार्वजनिक परिवहन, सुपरमार्केट, स्कूलों और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने के लिए इसकी आवश्यकता नहीं है।