अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) से लीक गुप्त दस्तावेजों का मामला अमेरिका समेत दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें रूस-यूक्रेन युद्ध की तैयारियों से लेकर व्यवस्था तक की बातों का उल्लेख है। पेपर्स में ये भी बताया गया है कि किस तरह से रूस के साथ युद्ध में नाटो सदस्य देश और अमेरिका यूक्रेन की मदद करेगा। कैसे उन्हें हथियारों की आपूर्ति करेगा? इसी बीच, पेंटागन ने इसे सुरक्षा का उल्लंघन करार दिया है।
अमेरिका में क्या हो रहा है? लीक दस्तावेज में है क्या? कैसे लीक हुए पेपर? अमेरिका ने क्या प्रतिक्रिया दी? क्या लीक दस्तावेजों की विश्वसनीयता है?
पेंटागन
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अमेरिका में क्या हो रहा है?
अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, लीक हुए दस्तावेज चार से पांच हफ्ते पुराने बताए जा रहे हैं। लीक दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन दस्तावेजों में यूक्रेन के 12 लड़ाकू ब्रिगेडों के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शामिल थे। इसमें खुलासा किया गया था कि उनमें से नौ को अमेरिका और नाटो बलों द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा था। इसके अलावा 250 टैंकों और 350 से अधिक मशीनीकृत वाहनों की आवश्यकता का भी जिक्र है। लीक दस्तावेज में हिमार्स रॉकेट सिस्टम सहित यूक्रेन सैन्य नियंत्रण के तहत युद्ध सामग्री के लिए व्यय दरों का विवरण भी शामिल है।
लीक दस्तावेजों में हथियारों की डिलीवरी, सेना की ताकत और अन्य जानकारी के चार्ट और विवरण शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जो दस्तावेज लीक हुए हैं, वे सिर्फ रूस और यूक्रेन युद्ध से ही नहीं जुड़े हैं, बल्कि अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा और अमेरिका के साथी देशों के बारे में भी अति-संवेदनशील जानकारी वाले हैं।
Russia-Ukraine war
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लीक हुए दस्तावेजों में क्या-क्या है?
एक दस्तावेज के अनुसार, फरवरी तक रूसी सेना के 1,89,500 से 2,23,000 सैनिक हताहत हुए थे। इसमें युद्ध में मारे गए 43,000 सैनिक भी शामिल थे। इस बीच, यूक्रेनी सेना में हताहतों की संख्या 1,24,500 से 1,31,000 है, जिसमें 17,500 सैनिक लड़ाई में मारे गए। हालांकि, सीएनएन की एक रिपोर्ट में दावा किया है कि टेलीग्राम एप पर पेपर लीक होने से पहले रूसी सैनिकों की मौत का आंकड़े में बदलाव किया गया था।
दस्तावेजों से सामने आईं अहम जानकारियों से पता चलता है कि आने वाले महीनों में यूक्रेन की वायु रक्षा को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। पेपर्स में दावा किया गया है कि, यदि यूक्रेन वर्तमान खपत दर पर हथियारों का उपयोग जारी रखता है, तो अप्रैल के मध्य तक उसके मिसाइलों का स्टॉक को पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही कहा गया है कि एस-300 मिसाइलों का स्टॉक भी 3 मई तक पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
डिस्कॉर्ड एप
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कैसे लीक हुए पेपर?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह दस्तावेज पिछले एक महीने से वायरल हो रहे हैं, हालांकि मीडिया की नजर में यह पिछले हफ्ते ही आए हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया है कि लीक दस्तावेज सबसे पहले डिस्कोर्ड नामक सोशल साइट पर सामने आये थे। यह एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जो ऑनलाइन गेम के लिए काफी मशहूर है। रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा, 'वे वेब में कहीं दिखे थे, और वास्तव में कहां थे, और उस प्वाइंट पर किसकी पहुंच थी, हम नहीं जानते।'
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन।
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अमेरिका ने क्या प्रतिक्रिया दी?
पहले सोशल मीडिया और बाद में मेन स्ट्रीम मीडिया पर सामने आये दस्तावेज पर अमेरिका के उप प्रेस सचिव सबरीना सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'हम सोशल मीडिया पोस्ट की रिपोर्टों से अवगत हैं और विभाग मामले की समीक्षा कर रहा है।' लीक दस्तावेजों में हथियारों की डिलीवरी, सेना की ताकत और अन्य जानकारी के चार्ट और विवरण शामिल हैं। हालांकि, यह जानकारी कम से कम पांच सप्ताह पुरानी है।
fbi (file image)
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क्या लीक दस्तावेजों की विश्वसनीयता है?
सार्वजनिक मामलों के उपमंत्री क्रिस मीघर ने यह कहा कि जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं, वे कुछ संवेदनशील जानकारी लीक करती दिख रही हैं। पेंटागन की एक टीम इन डॉक्यूमेंट्स की विश्वसनीयता परख रही है। उन्होंने कहा कि जो फोटोज वायरल हुई हैं, उनमें दस्तावेजों को उसी फॉर्मेट में दिखाया गया है, जिसमें हम अपने वरिष्ठ नेताओं को रूस और यूक्रेन से जुड़े अभियानों को लेकर अपडेट देते थे। इसके अलावा हमारे खुफिया अपडेट भी इसी तरह के डॉक्यूमेंट्स में दिए जाते हैं। हालांकि, वायरल तस्वीरों में कुछ छोटे बदलाव भी दिख रहे हैं।
दस्तावेजों की जांच शुरू
पेंटागन ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े लीक पेपर्स के प्रभाव का आकलन करने के लिए आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी है। इसका नेतृत्व खुफिया और सुरक्षा के लिए रक्षा उप सचिव मिलेंसी हैरिस करेंगे। समीक्षा लीक के दायरे और पैमाने और अमेरिका और सहयोगियों की राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव की जांच करेगी।
इसका भी पता लगाया जाएगा कि सूचना कैसे फैली है और इसकी पहुंच किस तक है। इसके अलावा, अमेरिकी न्याय विभाग ने भी इस बात की आपराधिक जांच शुरू कर दी है कि पेपर्स कैसे प्राप्त किए गए और लीक कैसे हुए। जानकारी के मुताबिक, जांच का नेतृत्व एफबीआई कर रही है।