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US: पेंटागन ने ईरान पर हमलों की सैन्य रणनीति और प्रभाव की जानकारी दी, बंकर बस्टर्स के परीक्षण फुटेज जारी किए

Thu, 26 Jun 2025 11:21 PM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

पेंटागन के प्रमुख अधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि उन्होंने ईरान की परमाणु साइटों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया है, लेकिन यह साफ नहीं है कि इससे ईरान का परमाणु कार्यक्रम कितना रुका है। वहीं, ट्रंप का कहना है कि ईरान ने हमला होने से पहले अपना यूरेनियम नहीं हटाया था, लेकिन कुछ विशेषज्ञ इस पर सवाल उठा रहे हैं।
 
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अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जनरल डेन कैन - फोटो : PTI
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विस्तार
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पेंटागन के प्रमुख अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को सैन्य रणनीति और विस्फोटकों के बारे में नई जानकारी दी, ताकि यह तर्क पुख्ता हो सके कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की प्रमुख परमाणु सुविधाओं को नष्ट कर दिया है। पेंटागन अधिकारियों ने यह समझाने की कोशिश की कि ये हमले कितने बड़े और असरदार थे। लेकिन उन्होंने यह साफ नहीं बताया कि इन हमलों से ईरान का परमाणु कार्यक्रम कितनी पीछे चला गया है।
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रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन कैन ने एक प्रेस ब्रीफिंग की। इस दौरान हेगसेथ ने बताया कि हमलों से पहले अमेरिका ने बहुत शोध और तैयारी की थी। उन्होंने कहा कि चाहे आप इसे नष्ट करना कहें, हराना कहें या और कुछ। यह हमला ऐतिहासिक रूप से सफल हमला था। 



जनरल कैन ने 'बंकर बस्टर' बमों के टेस्ट वीडियो साझा किए। ये खास बम जमीन के अंदर गहराई तक जाकर धमाका करते हैं। उन्होंने बताया कि ईरान पर हमले के समय अमेरिका ने ऐसे 12 बमों का इस्तेमाल किया था। जनरल कैन ने बताया 'एक बम से तीन तरीके से नुकसान होता है- धमाका, टुकड़े उड़ना, और बहुत ज्यादा दबाव।' इस हमले में धमाका और दबाव से ज्यादा नुकसान पहुंचाया गया।
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यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए भी खास थी, क्योंकि इससे यह साफ हुआ कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते थे कि अमेरिका के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी ये साबित करें कि ईरान पर हमला कारगर रहा है। यह मामला सिर्फ हमला करने का नहीं, बल्कि ट्रंप के काम की छवि और ईरान के साथ अमेरिका की विदेश नीति से भी जुड़ा है।

ईरान के यूरेनियम को बनाया निशाना 
पेंटागन ने बताया कि उन्होंने ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को निशाना बनाया, लेकिन रक्षा मंत्री हेगसेथ ने यह नहीं बताया कि यूरेनियम पूरी तरह नष्ट हुआ या नहीं। जब उनसे पूछा गया कि अमेरिकी हमलों से पहले यूरेनियम को अन्य स्थानों पर ले जाया गया था। इसके जवाब में हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने खुफिया जानकारी का ध्यान रखा था, लेकिन उन्हें नहीं पता कि ईरान ने कुछ छिपाया या हटाया था। उन्होंने कहा, 'मुझे ऐसी किसी खुफिया जानकारी के बारे में पता नहीं है जो कहती हो कि चीजें वहां नहीं थीं जहां उन्हें होना चाहिए था या कि उन्हें ले जाया गया हो।'

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सैटेलाइट फोटो में फोर्डो साइट पर दिखे थे बुलडोजर-ट्रक 
हमले से कुछ दिन पहले सैटेलाइट फोटो में देखा गया कि ईरान के फोर्डो परमाणु ठिकाने पर ट्रक और बुलडोजर नजर आए थे, जो यह दिखाता है कि शायद वहां कुछ हलचल हो रही थी। विशेषज्ञों का कहना है कि यूरेनियम को छोटे कंटेनरों में छिपाया जा सकता है और उन्हें ढूंढना बहुत मुश्किल होता है। गैर-पक्षपाती आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन में अप्रसार नीति निदेशक केल्सी डेवनपोर्ट ने कहा, 'ईरान द्वारा अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को छिपाए जाने वाले स्थानों का पता लगाना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।'

ट्रंप का दावा- परमाणु ठिकाने से कुछ भी बाहर नहीं निकाला गया
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि परमाणु ठिकाने से कुछ भी बाहर नहीं ले जाया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, 'सुविधा से कुछ भी बाहर नहीं निकाला गया। इसमें बहुत समय लगेगा, यह बहुत खतरनाक होगा, यह बहुत भारी होगा और इसे ले जाना मुश्किल होगा!'

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