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महिलाओं को कम तनख्वाह देने वाली कंपनियों पर लगे जुर्माना, अमेरिकी सीनेटर की मांग

Tue, 21 May 2019 01:54 PM IST
आसिम खान वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
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अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार और कैलिफोर्निया की सीनेटर कमला हैरिस ने महिलाओं को कम वेतन देने वाली कंपनियों पर जुर्माने की मांग की है। कमला ने कहा कि जो कंपनी महिला और पुरूषों में भेदभाव कर रही हैं उनपर जर्माना लगना चाहिए। 

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हैरिस इसको लेकर एक प्रस्ताव भी ला रही हैं जिसका उद्देश्य कंपनियों में महिलाओं-पुरुषों के वेतन में भेदभाव खत्म करना है। इस प्रस्ताव में कंपनियों को समान रोजगार अवसर, कमीशन में 'समान सैलरी सर्टिफिकेट' के लिए आवेदन से पहले तनख्वाह नीति बताने की बात कही गई है। 
क्या है हैरिस के प्रस्ताव में
हैरिस ने प्रस्ताव में कंपनियों को दी गई छूट खत्म करने की बात कही है। उन्होंने कंपनियो को संदेश दिया है कि या तो महिलाओं को न्याय संगत वेतन दो या फिर इसकी कीमत चुकाओ। यहां पर कंपनियों को छूट दे रखी थी कि वे तनख्वाह की नीति के पीछे छुपे रहें और महिलाएं हक के लिए अदालतों में खड़ी रहें। पर अब इसको पलटने की जरूरत है।
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हैरिस ने प्रस्ताव में कहा कि महिलाओं से उनकी पुरानी तनख्वाह न पूछी जाए। टीचर्स की तनख्वाह बढ़े, नियुक्ति के समय महिलाओं से पुरानी तनख्वाह न पूछें।   कंपनियां कर्मचारियों को खुले तौर पर तनख्वाह पर खुली चर्चा करने की छूट दे। सबसे ज्यादा तनख्वाह पाने वाले कर्मचारियों में महिलाओं की संख्या के बारे में कंपनियों को बताना होगा। 

अगर महिला पुरुष के वेतन में अंतर पाया जाता है तो जितना प्रतिशत महिला पुरुष के वेतन में अंतर होगा उतना प्रतिशत ही कंपनी के फायदे पर जुर्माना लगेगा। ऐसा करने से अमेरिकी सरकार को 12.6 लाख करोड़ रुपये का फायदा होगा। इस से महिलाएं तो सशक्त होंगी ही साथ में अर्थव्यवस्था में भी पैसों का संचार बढ़ेगा।
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