पत्रकारों, कार्यकर्ताओं और राजनेताओं की फोन टैपिंग के लिए मामले में अंतरराष्ट्रीयआलोचना झेल रही पेगासस स्पाइवेयर की निर्माता कंपनी एनएसओ ग्रूप का कहना है कि कथित फोन हैकिंग के मामले में पूरा दोष ग्राहकों का है। कंपनी का कहना है कि अगर किसी ग्राहक ने सिस्टम का दुरुपयोग करने का फैसला किया, तो वह अब ग्राहक नहीं रहेगा। सभी गलती ग्राहकों की है और उन पर ही उंगली उठनी चाहिए।
उन 50,000 फोन नंबर की जांच शुरू हो गई है जिसे कथित तौर पर पेगासस स्पाइवेयर ने हैक किया था। पैगासस आईफोन और एंड्रॉयड उपकरण को हैक कर लेता है जिससे बाद उसे ऑपरेटरों के सभी संदेश, फोटो और ईमेल, कॉल रिकॉर्ड और कैमरों पर उसका नियंत्रण हो जाता है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन का नंबर भी था निशाने पर
विदेशी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एनएसओ समूह ने कहा कि उसे बताया गया है कि सूची उसके साइप्रस सर्वर से हैक की गई थी लेकिन कंपनी के एक प्रवक्ता का कहना है कि सबसे पहली बात यह है कि हमारे पास साइप्रस में सर्वर ही नहीं हैं, और दूसरी बात, हमारे पास ग्राहकों का कोई डेटा नहीं है। प्रवक्ता का यह भी कहना है कि हमारे ग्राहक एक-दूसरे से जुड़े नहीं है क्योंकि सभी ग्राहक अलग हैं। इसलिए हम नहीं मानते कि कहीं भी इस तरह की सूची होनी चाहिए। प्रवक्ता के मुताबिक जो नंबर बताए जा रहे हैं वो पेगासस के काम करने के तरीके के मुताबिक नहीं है। हमारा लक्ष्य केवल साल में 100 ग्राहकों का है। बल्कि जब से कंपनी शुरू हुई हमने तब भी 50,000 ग्राहकों का लक्ष्य नहीं रखा था।
इस महीने की शुरुआत में, एनएसओ ग्रुप ने अपनी पारदर्शिता रिपोर्ट लॉन्च करते हुए कहा था हमें खुद को एक उच्च मानक पर रखना चाहिए और मानव अधिकारों और गोपनीयता की सुरक्षा और चिंता सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए। लेकिन बुधवार को, प्रवक्ता ने कहा मान लीजिए मैं एक कार का निर्माता हूं। आप कार लेकर नशे में गाड़ी चला रहे हैं और किसी को मार देते हैं, तो आप कार निर्माता के पास नहीं जाते, ड्राइवर के पास जाते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि हम सरकारों के साथ सब कानूनी रूप से करते हैं।
जिन लोगों के नंबर सूची में हैं, उनमें से 67 फॉरबिडन स्टोरीज को अपने फोन फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए देने पर तैयार हो गए हैं। वहीं एमनेस्टी इंटरनेशनल की सिक्योरिटी लैब्स ने पहले दावा किया था कि इस शोध में कथित तौर पर उनमें से 37 पर इस बात के सबूत मिले कि पेगासस ने फोन टैप करने की कोशिश की थी। लेकिन एनएसओ ग्रुप ने कहा कि उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि कुछ फोन में स्पाइवेयर के अवशेष कैसे हैं। प्रवक्ता का कहना है कि यह महज एक संयोग हो सकता है।