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Pasta Crisis: इटली में 'पास्ता हड़ताल' की तैयारी क्यों, लोगों से इस पसंदीदा व्यंजन की दूरी की वजह क्या? जानें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 23 May 2023 03:27 PM IST

सार

इटली के व्यापार मंत्रालय के अनुसार, मार्च में पास्ता की कीमतें 17.5% और अप्रैल में 16.5% बढ़ीं। यह उछाल इटली के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों से दोगुना है, जो अप्रैल के लिए 8.1% और मार्च के लिए 8.7% था।
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इटली में पास्ता संकट - फोटो : AMAR UJALA
इटली में इन दिनों लोग अपने सबसे प्रिय भोजन पास्ता की कीमतों में बढ़ोतरी से परेशान हैं। यहां पिछले महीने पास्ता की कीमतें 16 फीसदी से ज्यादा बढ़ीं। लगातार बढ़ती कीमतों से इटली में संकट की स्थिति पैदा हो गई है। देश में स्थिति यहां तक आ गई कि सरकार को संकट से निपटने के लिए एक आपातकालीन बैठक बुलानी पड़ा।
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इटली में पास्ता संकट - फोटो : AMAR UJALA
इटली में इन दिनों लोग अपने सबसे प्रिय भोजन पास्ता की कीमतों में बढ़ोतरी से परेशान हैं। यहां पिछले महीने पास्ता की कीमतें 16 फीसदी से ज्यादा बढ़ीं। लगातार बढ़ती कीमतों से इटली में संकट की स्थिति पैदा हो गई है। देश में स्थिति यहां तक आ गई कि सरकार को संकट से निपटने के लिए एक आपातकालीन बैठक बुलानी पड़ा।

Pasta Recipe - फोटो : Istock
इटली में उत्पन्न खाद्य संकट क्या है?
दुनिया के कई देश खाद्य संकट से स्थिति से जूझ रहे हैं। इस बीच यूरोपीय देश इटली में इस समय पास्ता की कीमतें लोगों को उनके प्रिय भोजन से दूर करने को मजबूर कर रही हैं। पिछले कुछ समय में पास्ता की सभी डिशों की प्लेट की कीमत बढ़ रही है। इटली के व्यापार मंत्रालय के अनुसार, मार्च में पास्ता की कीमतें 17.5% और अप्रैल में 16.5% बढ़ीं। यह उछाल इटली के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों से दोगुना है, जो अप्रैल के लिए 8.1% और मार्च के लिए 8.7% था।

इटली के उपभोक्ता अधिकार समूह Assoutenti की मानें तो रेस्त्रां में पास्ता व्यंजन साल-दर-साल 6.1% बढ़ गए हैं। इसकी हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इटली के 110 प्रांतों में से केवल 12 के लोग 2.20 डॉलर से कम में एक किलोग्राम (2.2 पाउंड) पास्ता खरीद सकते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि मोडेना जैसे कुछ शहरों में पास्ता की कीमतों में पिछले साल से लगभग 50% की वृद्धि रिकॉर्ड की गई है। अंतरराष्ट्रीय पास्ता संगठन द्वारा 2022 के एक सर्वे के अनुसार, एक औसत इटालियन व्यक्ति प्रति वर्ष लगभग 23 किलो पास्ता की खपत करता है।

pasta - फोटो : SOCIAL MEDIA
संकट की वजह क्या है?
इटली में कुछ उपभोक्ता अधिवक्ताओं ने पास्ता उत्पादकों पर अपने मुनाफे को बढ़ाने के लिए कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया है। जानकारी के मुताबिक, उत्पादक अब अपने पास्ता स्टॉक बेच रहे हैं जिसे उन्होंने कच्चे माल की लागत अधिक होने पर बनाए थे। यही कारण है कि इसकी खुदरा कीमतें बढ़ गई हैं। दूसरी ओर कंपनियां उत्पादन लागत बढ़ाने के लिए मुद्रास्फीति और आपूर्ति श्रृंखला के मुद्दों को जिम्मेदार ठहरा रही हैं। इटली के खाद्य उत्पादकों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक संस्था यूनियन इटालियाना फूड ने कहा कि खुदरा कीमतें ऊर्जा, पैकेजिंग और रसद की बढ़ती लागत से प्रभावित हुई हैं। संस्था ने कहा है कि पास्ता उत्पादन की कीमत एक वर्ष में 8.4% बढ़ी हैं,जो उपभोक्ता वस्तुओं के लिए दर्ज औसत मुद्रास्फीति सूचकांक के बराबर हैं।

अन्य वजहें भी हैं?
वहीं, Assoutenti अध्यक्ष फुरियो ट्रूजी ने उच्च गेहूं और ऊर्जा की कीमतों का हवाला देते हुए कहा कि यह संकट कच्चे माल की ऊंची लागत के साथ उत्पादित स्टॉक की बिक्री के कारण है। मार्च 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने से गेहूं की कीमत एक दशक से भी अधिक समय में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। दोनों देश वैश्विक बाजार में कृषि उत्पादों के बड़े आपूर्तिकर्ता हैं। हालांकि, ट्रूजी ने कहा कि उस समय से इनपुट लागत में गिरावट आई है और अब अन्य वजहों से पास्ता की कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने बताया कि अधिक मुनाफा कमाने के लिए उच्च कीमतों को बनाए रखा जाता है। खपत में महत्वपूर्ण गिरावट के कारण कीमतें गिरेंगी। साथ ही उन्होंने कम से कम 15 दिनों की 'पास्ता हड़ताल' के साथ पास्ता की खपत को कम करने की योजना प्रस्तावित की। जानकारी के अनुसार, साल 2007 में इटली में लोगों ने पास्ता खरीदने के खिलाफ एक दिन की हड़ताल की थी, जब कीमतें लगभग 20 फीसदी बढ़ गई थीं।

रूस और यूक्रेन युद्ध - फोटो : Social Media
रूस-यूक्रेन संकट का भी असर
खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार, अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय गेहूं की कीमतें जुलाई 2021 के बाद से सबसे कम होकर 2.3 फीसदी कम हो गईं। विश्व बैंक के एक पदाधिकारी ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद गेहूं की कीमतें अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर से कम हो रही हैं, लेकिन अभी भी अधिक बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक ने 2022 की तुलना में 2023 में गेहूं की कीमतों में 17.4 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया है।

एक वजह यह भी
गेहूं की एक किस्म ड्यूरम आमतौर पर पास्ता बनाने में उपयोग की जाती है। इसकी कीमतों में भी हाल के महीनों में गिरावट आई है। हालांकि, कई देशों में कीमतें ऊंची हैं जो इटली में पास्ता की कीमतों में वृद्धि की वजह है। मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के ऑर्टेगा के अनुसार, ऊंची पास्ता कीमतों के पीछे कोई एक कारण नहीं है। उन्होंने  कोरोना महामारी और यूक्रेन-रूस युद्ध से सुस्त आपूर्ति श्रृंखला व्यवधान को अहम कारण बताया। पास्ता इटली में अधिक महंगा होने वाला एकमात्र खाद्य पदार्थ नहीं है। ओर्टेगा ने कहा कि इटली में खाद्य कीमतों में पिछले वर्ष की तुलना में अप्रैल में 12.1% की वृद्धि हुई।

Italy New PM Giorgia Meloni - फोटो : Agency (File Photo)
सरकार क्या कदम उठा रही है?
बीते दिनों इटली के आर्थिक विकास मंत्री अडोल्फो उर्सो ने पास्ता कीमतों में बढ़ोतरी पर चर्चा के लिए एक आपात बैठक बुलाई थी। रोम में हुई इस बैठक में पास्ता उत्पादकों, उपभोक्ता संघों, सांसदों और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान  पास्ता की बढ़ती कीमतों पर लिमिट लगाने के लिए कहा गया, लेकिन इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। हालांकि, बैठक के बाद सरकार ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए कीमतों की निगरानी रखने का वादा किया। इटली के व्यापार मंत्रालय ने कहा है कि पास्ता की कीमतों के नवीनतम सर्वे कीमतों में गिरावट के संकेत दिखा रहे हैं। मंत्रालय की मानें तो यह एक संकेत है कि आने वाले महीनों में लागत में काफी कमी आ सकती है।
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