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समृद्ध महासागर का हिस्सा: मिस्र के रेगिस्तान में कभी तैरती थीं विशाल शार्क मछलियां, क्रमिक रूप से हुआ विकास

Tue, 25 Aug 2026 10:17 AM IST
ज्योति भास्कर द न्यूयॉर्क टाइम्स
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मिस्र के रेगिस्तान में कभी तैरती थीं विशाल शार्क मछलियां - फोटो : एआई-ग्राफिक्स
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मिस्र का रेगिस्तान करोड़ों साल पहले (लगभग 14.5 से 6.6 करोड़ वर्ष पूर्व) एक विशाल और समृद्ध महासागर का हिस्सा था। हाल ही में वैज्ञानिकों ने मिस्र के पश्चिमी रेगिस्तान में स्थित अबू-तरतूर पठार पर शार्क के प्राचीन जीवाश्म और दांतों की खोज की है, जो इस बात का प्रमाण देते हैं कि यह सूखा क्षेत्र कभी समुद्री जीवों और विभिन्न प्रजातियों की शार्क का गढ़ था। मिस्र में प्राचीन शार्क के जीवाश्मों की खोज से जुड़ी यह रिपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिका 'क्रिटेशियस रिसर्च' में प्रकाशित हुई है।एजेंसी

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सात अलग-अलग शार्क प्रजातियों के जीवाश्मों की खोज
मिस्र के पश्चिमी रेगिस्तान की चट्टानों से काहिरा विश्वविद्यालय के जीवाश्म विज्ञानी तारेक यासीन ने सात अलग-अलग शार्क प्रजातियों के दुर्लभ जीवाश्मों और शार्क के दांतों का पता लगाया है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में मिलने वाले दांतों की आकृतियां अलग-अलग हैं। कुछ सुई जैसी नुकीली हैं तो कुछ चौड़ी और आरी के आकार की हैं, जो शिकार के अनुकूल थीं।

क्रमिक रूप से हुआ मछलियों का विकास
वैज्ञानिकों के अनुसार, प्राचीन काल में यहां गहरी समुद्री धाराएं चलती थीं जो पानी की सतह पर पोषक तत्व लाती थीं। इससे प्लवक और छोटी मछलियों का विकास हुआ, जिस कारण यह पूरा क्षेत्र शार्क जैसे बड़े शिकारियों के लिए आदर्श स्थान था।

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