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पनामा में 7.7 के बाद अब 6.1 तीव्रता का भूकंप: 147 झटकों से पहले ही कांप चुका है देश; आपातकाल घोषित

Tue, 13 Oct 2026 07:13 AM IST
राकेश कुमार एएनआई, पनामा सिटी।

सार

पनामा में मंगलवार तड़के 6.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। इससे पहले शुक्रवार रात 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद 147 झटके महसूस किए गए थे। पिछले भूकंप से घरों, स्कूलों, सड़कों और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा था। पनामा सरकार ने राहत कार्यों के लिए आपातकाल घोषित किया, जबकि भारत ने मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। 
 
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पनामा में फिर भूकंप - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पनामा में मंगलवार, 13 अक्टूबर की सुबह एक बार फिर भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के मुताबिक, इसकी तीव्रता 6.1 मापी गई। भारतीय समय के अनुसार, भूकंप सुबह 4 बजकर 50 मिनट 37 सेकंड पर आया। इसकी गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी। फिलहाल इस ताजा भूकंप से हुए नुकसान की जानकारी मूल रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
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पहले आए भूकंप के बाद कितने झटके लगे?
पनामा में इससे पहले शुक्रवार रात 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद कई और झटके महसूस किए गए। आपातकालीन संचालन केंद्र के निदेशक रेने गार्सिया ने समाचार एजेंसी सीएनएन को बताया कि भूकंप के बाद 147 झटके आए थे। इनमें कुछ की तीव्रता 6.1 और 6.6 तक पहुंच गई थी।

भूकंप के बाद क्या-क्या हुआ?
  • शुक्रवार को आए भूकंप की तीव्रता शुरुआती जानकारी के अनुसार 7.7 थी। इसका केंद्र लॉस सैंटोस प्रांत में टोनोसी से करीब 39 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था।
  • भूकंप से कई इलाकों में घरों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, सड़कों और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा था।
  • सीएनएन के मुताबिक, कुछ लोगों को मामूली चोटें आई थीं। उस समय तक किसी की मौत या किसी के लापता होने की खबर नहीं थी।
भूकंप से आम लोगों पर क्या असर पड़ा?
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भूकंप के बाद पनामा में सार्वजनिक परिवहन और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई थीं। एहतियात के तौर पर देश की दो मेट्रो लाइनों पर सेवाएं रोक दी गई थीं। मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी कुछ समय के लिए बंद किया गया था। हालांकि, बाद में हवाई अड्डे पर परिचालन फिर शुरू हो गया।

नुकसान और राहत से जुड़ी अहम बातें
  • सबसे ज्यादा नुकसान दक्षिणी तट पर स्थित कोक्ले प्रांत में सामने आया था। राजधानी पनामा सिटी में भी कुछ नुकसान हुआ था।
  • राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने प्रभावित अस्पताल का दौरा भी किया था, जहां मरीजों को बाहर निकालकर खुले में इलाज दिया गया।
  • अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने पहले कुछ तटीय इलाकों में सुनामी की आशंका जताई थी, लेकिन बाद में कहा कि अब खतरा नहीं है।
पनामा सरकार ने राहत के लिए क्या कदम उठाए?
पनामा सरकार ने शनिवार को आपातकाल घोषित किया था, जिससे भूकंप से प्रभावित लोगों की मदद की जा सके और राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके। राष्ट्रपति कार्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री जुआन कार्लोस ओरिलैक ने कहा कि इस फैसले से सरकारी एजेंसियां तैयार रहेंगी और प्रभावित समुदायों की मदद के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध होंगे।

राष्ट्रपति जोस राउल ने राहत कार्यों के तालमेल, संसाधनों के प्रबंधन और प्रभावित लोगों की जरूरतें पूरी करने के लिए एक आयोग बनाने का आदेश दिया था। सरकार ने दान जुटाने के लिए केंद्र भी बनाए थे। इनमें पनामा सिटी का उमर पार्क शामिल था। प्रांतीय सरकारी कार्यालयों को भी दान जमा करने के केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया गया।

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भारत ने मदद के लिए बढ़ाया हाथ
इस बीच, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को भूकंप से प्रभावित पनामा के लोगों के प्रति संवेदना जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'भूकंप के बाद भारत पनामा की सरकार और लोगों के साथ खड़ा है। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं, जो घायल हुए हैं या प्रभावित हुए हैं। खासकर उन परिवारों के साथ, जिन्हें नुकसान और मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।' विदेश मंत्रालय ने भी पनामा की सरकार और लोगों के प्रति भारत की एकजुटता जताई थी। वहीं, पनामा में अमेरिकी दूतावास ने मध्य और दक्षिण अमेरिका के नौ देशों में संभावित झटकों और सुनामी के खतरे को लेकर चेतावनी दी थी।
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