देश भर में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच नेपाल सरकार ने इस कानून पर अपना रूख साफ कर दिया है। नेपाल सरकार का मानना है कि यह भारत का आंतरिक मामला है और वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता है।
नेपाल सरकार के सूत्रों ने बताया कि एनआरसी को लेकर उन्होंने भारत सरकार से बात नहीं की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने नेपाल सरकार को इस बारे में जानकारी दे दी है और इसके बारे में बात करना आवश्यक नहीं है, यह भारत का मुद्दा है।
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) पर सूत्रों ने बताया कि नेपाली सरकार का मानना है कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए संवाद सबसे अच्छा तरीका है। मतभेद हो सकते हैं लेकिन इसे बातचीत के जरिए हल किया जा सकता है। सरकार ने जो दिया कि यदि आवश्यक हो, तो नेपाल मध्यस्थ भी बन सकता है क्योंकि वह तटस्थ हैं। सरकार ने कहा कि वह सहायक हो सकते हैं, लेकिन सीधे संपर्क विकसित करना बेहतर होगा।
भारत-नेपाल सीमा विवाद पर सूत्रों ने बताया कि नेपाली सरकार ने कहा है कि कभी-कभी, कुछ मुद्दे अनसुलझे होते हैं। हमें इन्हें ध्यान नहीं रखना चाहिए और न ही इन पर बोलना चाहिए। सरकार ने कहा कि हम सीमा मुद्दों सहित किसी भी मुद्दे पर खुली चर्चा कर सकते हैं। हम दोस्ताना संबंध विकसित कर रहे हैं। भारत के साथ मुद्दों को हल करने में कोई समस्या नहीं होगी।
नेपाल सरकार ने पाम तेल के आयात पर लगी रोक हटाने की मांग की
भारत ने नेपाल से पाम तेल के आयात पर रोक लगाई हुई है जोकि उसकी शीर्ष निर्यात वस्तु है। जिसके बाद नेपाल सरकार ने औपचारिक रूप से भारत से प्रतिबंध हटाने का अनुरोध किया है। शुक्रवार को नेपाल के वाणिज्य और आपूर्ति सचिव बैकुंठ आर्यल ने कहा कि नेपाल का पाम तेल भारतीय बाजार को नहीं छेड़ रहा है।
इसके बाद शनिवार को नेपाल के वित्त मंत्री युबा राज खातीवाडा ने पाम तेल पर लगी पाबंदी को लेकर कहा, 'भारत में हमारे निर्यात का 25 प्रतिशत पाम तेल उद्योग से संबंधित है, जिससे हमारे उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसे लेकर कोई पूर्वाग्रह संकेत नहीं थे इसलिए यह एक झटके की तरह था।'
नेपाल के वित्त मंत्री ने आगे कहा, 'हमें उम्मीद है कि भारत सरकार अफने फैसले पर पुनर्विचार करेगी। हम इसपर अपने राजनयिक चैनल के जरिए बातचीत कर रहे हैं। यदि जरुरत पड़ेगी तो हम राजनीतिक चैनल के माध्यम से भी बात करेंगे।'
नेपाल मलेशिया और इंडोनेशिया से करता है कच्चे पाम तेल का आयात
भारत में पाम तेल भेजने से पहले नेपाली व्यापारी मलेशिया और इंडोनेशिया से कच्चे पाम तेल का आयात करते हैं। फिर इसका प्रोसेस और पैकेज किया जाता है। इस तेल की तरफ व्यापारी इसलिए आकर्षित हुए क्योंकि भारत ने मलेशिया और इंडोनेशिया के पाम तेल पर 40 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाया हुआ है। वहीं नेपाल के तेल पर छह प्रतिशत का आयात शुल्क लगता है। मलेशिया और इंडोनेशिया दुनिया के सबसे बड़े पाम तेल उत्पादक देश हैं।
जम्मू कश्मीर पर बोलने के कारण मलेशिया पर लगा है प्रतिबंध
कश्मीर का जिक्र करते हुए मलयेशिया के प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा था कि दुनिया म्यांमार में रोहिंग्याओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने में नाकाम रही, जिसके कारण यूएन रेजॉलूशन के सम्मान में कमी आई है। अब, जम्मू और कश्मीर पर यूएन रेजॉलूशन के बाद भी, एक देश (भारत) ने इस पर जबरन कब्जा जमा लिया है। जिसके बाद भारत ने उससे पाम तेल के आयात में कटौती कर दी।