गाजा युद्ध के बीच फलीस्तीन मुक्ति संगठन (पीएलओ) ने गुरुवार को 89 वर्षीय फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के नेतृत्व में एक उप राष्ट्रपति पद के निर्माण की घोषणा की। हालांकि, यह अभी तर साफ नहीं हुआ है कि यह पद कब या कैसे भरा जाएगा।
इस्राइल और हमास में जारी संघर्ष के बीच फलीस्तीन मुक्ति संगठन (पीएलओ) ने गुरुवार को 89 वर्षीय फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के नेतृत्व में एक उप राष्ट्रपति पद बनाने की घोषणा की। हालांकि, अब्बास ने इस पद के लिए अपने उत्तराधिकारी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। फलस्तीन का यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अब्बास गाजा पट्टी के युद्ध के बाद की योजना में अपनी भूमिका और प्रासंगिकता को बढ़ाना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें इस्राइल-हमास युद्ध में काफी हद तक दरकिनार कर दिया गया है।
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बता दें कि पीएलओ केंद्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक के बाद, परिषद ने पीएलओ कार्यकारी समिति के उपाध्यक्ष का पद बनाने के लिए मतदान किया। इसे फलीस्तीन राज्य के उपराष्ट्रपति के रूप में भी संदर्भित किया जाएगा। साथ ही इससे फलीस्तीनियों को उम्मीद है कि एक दिन यह पद पूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करेगा।
15 अन्य सदस्य में से चुन जाएंगे उपराष्ट्रपति
हालांकि, यह साफ नहीं है कि यह पद कब या कैसे भरा जाएगा। वहीं अब्बास को पीएलओ की कार्यकारी समिति के 15 अन्य सदस्य में से अपना उपाध्यक्ष चुनना होगा। यह उम्मीद की जा रही है कि जो भी इस पद को संभालेगा, वह अब्बास का उत्तराधिकारी बनने की दौड़ में सबसे आगे होगा।
क्या है पीएलओ, समझिए
अब बात अगर पीएलओ की करें तो ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि है और पश्चिमी समर्थित फलीस्तीनी प्राधिकरण की देखरेख करता है, जो इस्राइल के कब्जे वाले पश्चिमी तट के आधे से कम हिस्से में सीमित स्वायत्तता का प्रयोग करता है। अब्बास ने इन दोनों संस्थाओं का दो दशकों से नेतृत्व किया है। गौरतलब है कि हमास ने 2007 में अब्बास की सेना से गाजा पर नियंत्रण ले लिया। इसके बाद दोनों के बीच सुलह के प्रयास बार-बार विफल रहे हैं।