पाकिस्तान में एक आतंकवाद रोधी अदालत ने बृहस्पतिवार को प्रतिबंधित जमात उद दावा और 2008 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के करीबी पांच आतंकियों को एक से पांच साल तक की सजा सुनाई। यह फैसला आतंक वित्तपोषण मामले में आया है।
हाफिज अब्दुल रहमान मक्की और अब्दुल सलाम को एक-एक साल और मलिक जफर इकबाल और याह्या अजीज को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई। मक्की लश्कर-ए-तैयबा सरगना और जमात प्रमुख सईद का साला है।
आतंकवाद रोधी विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि लाहौर स्थित अदालत ने जमात और लश्कर के इन चारों आतंकियों को 9 जून को आतंक वित्तपोषण के लिए दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। साथ ही सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसका भुगतान करने में नाकाम रहने पर छह महीने की कैद और काटनी होगी। चारों को आतंकवाद रोधी कानून 1997 के तहत दोषी करार दिया गया।
संपत्ति को भी जब्त करने का आदेश
प्रवक्ता ने बताया कि अदालत ने इन सभी को आतंकवाद को आर्थिक मदद करने का दोषी पाया। ये सभी पैसा जुटाते थे और लश्कर की गैरकानूनी गतिविधियों को आर्थिक मदद करते थे। अदालत ने आतंकवाद वित्तपोषण के जरिए जुटाए गए पैसों से अर्जित संपत्ति को भी जब्त करने का आदेश दिया।
संयुक्त राष्ट्र की ओर से नामित हैं तीन आतंकी
संयुक्त राष्ट्र संघ ने तीन दोषियों इकबाल, अजीज और सलाम को आतंकवाद वित्तपोषण मामले में नामित किया है।