संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में इस वर्ष मई से फंसे दो भारतीयों की कुरान के एक पाकिस्तानी शिक्षक ने मदद की। ये दोनों भारतीय एक ट्रैवल एजेंट की ठगी का शिकार हो गए थे। मीडिया की एक रिपोर्ट में सोमवार को यह जानकारी दी गई है।
खलीज टाइम्स की खबर के अनुसार मोहम्मद उस्मान और शिवकुमार केरल और तमिलनाडु के रहने वाले हैं। ये दोनों विदेश में नौकरी पाने के लिए ट्रैवल एजेंट नूर मोहम्मद के पास गए थे। एजेंट ने इन दोनों से ऑस्ट्रेलिया का वीजा बनाने के लिए दो-दो लाख रुपये का भुगतान करने के लिए कहा।
पहले तो उन्हें थाईलैंड के टिकट उपलब्ध कराये गए और इसके बाद उनसे कहा गया कि उनके ऑस्ट्रेलियाई वीजा जल्द ही आ जाएंगे। हालांकि उन्हें थाईलैंड में प्रवेश नहीं करने दिया गया क्योंकि वे वीजा-ऑन-आगमन की सभी शर्तों को पूरा नहीं करते थे।
हवाई अड्डे पर फंसे इन दोनों ने कॉल करके अपने रिश्तेदारों से वापसी की टिकट खरीदने के लिए कहा और इसके बाद वे भारत लौट आए। वापस लौटने पर उस्मान और शिवकुमार ने एजेंट से उनके लगभग सात-सात लाख रुपये वापस करने को कहा लेकिन एजेंट ने दावा किया कि उनका ऑस्ट्रेलिया के लिए वीजा तैयार है और यूएई होते वहां जाना उनके लिए बेहतर मार्ग होगा।
रिपोर्ट के अनुसार जब वे यूएई पहुंचे तो उन्हें अजमान में रहने की जगह दी गई। एजेंट ने उन्हें 50 धीरम (979 रुपये) दिये और देश छोड़कर चला गया और कभी नहीं लौटा। ये दोनों तब से वहां संघर्ष कर रहे थे और इसके बाद एक पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद असदुल्लाह उनकी मदद के लिए आगे आए।