संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान कश्मीर के मुद्दे को गर्माने की कोशिश में विफल होने के बावजूद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस बैठक को लेकर खुशी जताई है। क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान ने कहा है कि इस विवाद का हल निकालना वैश्विक संस्थान की ‘जिम्मेदारी’ है।
इमरान ने इस मुद्दे पर एक के बाद एक ट्वीट करते हुए लिखा कि पांच दशक में यह पहली बार था कि विश्व के उच्चतम राजनयिक फोरम ने कश्मीर के मुद्दे और वहां गंभीर हो रहे हालातों पर चर्चा की। उसने आगे लिखा, मैं यूएनएससी बैठक का स्वागत करता हूं। खान ने यह भी लिखा कि इस मुद्दे पर यूएनएससी के 11 प्रस्ताव थे और यह बैठक इन प्रस्तावों की तस्दीक करने के लिए ही थी। उसने आगे लिखा, यह वैश्विक संस्था
बैठक में मुंह की खाने के बाद भी इमरान खान का यह बयान न्यूयॉर्क में कश्मीर मुद्दे पर यूएन सुरक्षा परिषद की बैठक में अनौपचारिक चर्चा के एक दिन बाद आया है। पाकिस्तान इस चर्चा के आयोजन को अपनी बड़ी जीत के तौर पर प्रचारित कर रहा है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र के 15 शक्तिशाली देशों की मौजूदगी वाली सुरक्षा परिषद की यह बैठक कश्मीर मुद्दे पर किसी निर्णय या कोई बयान जारी किए बिना ही खत्म हो गई थी।
साथ ही बैठक में मौजूद देशों ने बहुमत से कश्मीर को नई दिल्ली व इस्लामाबाद के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा बताकर इसका अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश में जुटे पाकिस्तान और उसके सर्वकालिक सहयोगी चीन को करारा झटका भी दिया।