बलूचिस्तान अवामी पार्टी के विधायक खालिद मागसी ने नेशनल असेंबली में आदेश के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया, जिसे संविधान के विपरीत कहत हुए सदन ने पारित कर दिया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को कैबिनेट को संबोधित करते हुए कहा कि अदालत का फैसला संविधान और कानून का मजाक है।
पाकिस्तानी संसद ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया। पाकिस्तान के चीफ जस्टिस उमर अता बांदियाल की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय बेंच ने पंजाब चुनावों की नई तारीखों का एलान किया था। कोर्ट ने चुनाव आयोग के चुनावों की तारीखों को 10 अप्रैल से आठ अक्टूबर करने वाले फैसले को खारिज करते हुए 14 मई को चुनाव कराने का आदेश दिया था।
लागू नहीं कर सकते आदेश
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठबंधन सरकार ने विरोध जताया। बलूचिस्तान अवामी पार्टी के विधायक खालिद मागसी ने नेशनल असेंबली में आदेश के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया, जिसे संविधान के विपरीत कहत हुए सदन ने पारित कर दिया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को कैबिनेट को संबोधित करते हुए कहा कि अदालत का फैसला संविधान और कानून का मजाक है। इसे लागू नहीं कर सकते।
पीटीआई बोली- जल्द कराएं चुनाव
शरीफ के फैसले को नेशनल असेंबली ने भी समर्थन दिया। पंजाब विधानसभा को 13 जनवरी को भंग कर दिया गया था। सरकार का दावा है कि उसके पास चुनावों में देरी करने और अगस्त के बाद देश में आम चुनाव कराने की शक्तियां हैं। वहीं, इमरान खान की पार्टी पीटीआई का कहना है कि समय से पहले चुनाव कराए जाएं। पंजाब चुनाव में देरी करने के बजाय नेशनल असेंबली को भंग किया जाए। कानून मंत्री आजम तरार ने कहा कि चुनाव के मुद्दों को देखने और आम चुनाव के लिए एक ही तारीख देने के लिए एक पूर्ण अदालत का गठन किया जाना चाहिए।