ईरान के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या काराष् बदला लेने के लिए अमेरिकी राजनेता डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश के आरोप गिरफ्तार पाकिस्तानी युवक की अमेरिकी कोर्ट में पेशी हुई। मामले की सुनवाई के दौरान खुद को बेगुनाह बताया। ब्रुकलिन में अमेरिकी मजिस्ट्रेट न्यायाधीश राबर्ट लेवी के सामने आरोपी आसिफ मर्चेंट ने आतंकवाद के प्रयास और हत्या के मामले में अपनी दलील पेश की। कोर्ट ने आरोपी को सुनने के बाद मर्चेंट को मुकदमा चलने तक हिरासत में रखने का आदेश दिया।
अभियोजकों ने बताया कि मर्चेंट ने अमेरिका आने से पहले कुछ समय ईरान में बिताया था। उसकी अमेरिका से एक दस्तावेज चुराने और विरोध प्रदर्शन करने की भी योजना थी। आरोपी ने हमले को लेकर डोनाल्ड ट्रंप को संभावित लक्ष्य बताया था। क्योंकि 2020 में राष्ट्रपति रहते ट्रंप ने ही ईरानी कमांडर सुलेमानी पर ड्रोन हमले की मंजूरी दी थी।
सुनवाई में नारंगी अंडर शर्ट के ऊपर जेल की टी शर्ट पहनकर पहुंचे आरोपी को 15 जुलाई में टेक्सास से गिरफ्तार किए जाने के बाद से ब्रुकलिन के मेट्रोपोलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा है। मर्चेंट के वकील ने सुनवाई के दौरान जेल की स्थितियों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मर्चेंट को एकांत में रखा गया है। उसे महीने में केवल एक बार व्यायाम के लिए बाहर जाने की अनुमति दी गई है।
वकील ने कहा कि उसका वजन 15 से 20 पाउंड तक कम हो गया है। जेल अधिकारी उसे शिया मुसलमानों के लिए उपयुक्त आहार नहीं देते हैं। इस पर अभियोजक सारा विनिक ने कहा कि इस मामले में जेल ब्यूरो से बात की जाएगी। ताकि मर्चेंट को पर्याप्त आहार मिल सके। पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र में ईरान ने कहा था कि मर्चेंट के अदालती दस्तावेजों में लिखी गई कार्यप्रणाली तेहरान की जनरल सुलेमानी की हत्या के लिए कानूनी रूप से मुकदमा चलाने की नीति के विपरीत है।