दक्षिण सिंध प्रांत के हैदराबाद शहर से पिछले साल सितंबर में एक नाबालिग लड़की इकरा जीवानी लापता हो गई थी। इसके बाद जनवरी में उसे बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था। तबसे वह पुलिस की हिरासत में थी। अब वह पाकिस्तान वापस लौट आई है।
इकरा सितंबर में भारत-नेपाल सीमा के रास्ते भारत में दाखिल हुई थी। उसने उत्तर प्रदेश के एक युवक मुलायम सिंह यादव (25 वर्षीय) से शादी की, जो सिक्योरिटी गार्ड के रूप में किसी कंपनी काम करता था। इकरा की मुलाकात युवक से एक गेमिंग ऐप के जरिए हुई थी। लड़की के पिता सोहेल जीवानी ने कहा कि वे पहले ही बहुत पीड़ा और शर्मिंदगी से गुजर चुके हैं। बस अब आगे बढ़ना चाहते हैं।
सोहेल ने कहा, मैं नहीं जानता कि वह या मेरे परिवार का कोई और इस मुद्दे पर बोले। जो हुआ सो हुआ। उन्होंने पुष्टि की कि उनकी बेटी को उनके पास लौटा दिया गया और वह रात को लाहौर रवाना हो रहे हैं। बेंगलुरु में जनवरी में भारतीय अधिकारियों द्वारा लड़की बरामद किया गया तो दोनों देशों में इस मामले पर खूब चर्चा हुई।
इकरा 16 साल की हैं। 19 सितंबर, 2022 को वह हैदराबाद के शाही बाजार स्थित अपने स्कूल फेडर गवर्नमेंट गर्ल्ड कॉलेज के लिए निकली थी और चार महीने बाद बेंगलुरु में मिली। जब पुलिस ने मुलायम को गिरफ्तार किया, तो वह उसके साथ रह रही थी। बाद में पता चला कि उसने मुलायम सिंह यादव के साथ दोस्ती की और फिर संबंध आगे बढ़े। इकरा ने मुलायम से शादी कर ली थी।
उसके चाचा अफजल जीवानी ने कहा, इकरा ने जनवरी के शुरुआत में हमें फोन किया था और बताया था कि वह सुरक्षित है और उसने एक भारतीय व्यक्ति से शादी कर ली है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिवार ने उन्हें फोन कॉल के बारे में सूचित किया और वे पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के साथ आवश्यक चैनलों के माध्यम से संपर्क में आए, जिन्होंने लड़की को ढूंढने और बरामद करने में ममद के लिए अपने भारतीय समकक्षों से संपर्क किया।
उसके कुछ दिनों बाद उसे उसके कथित पति के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। अफजल ने दावा किया कि ऑनलाइन लूडो गेम खेलने के दौरान दोनों सोशल मीडिया पर मिले तो भारतीय व्यक्ति ने खुद को मुस्लिम लड़का बताकर उसकी भतीजी को धोखा दिया था।
खबरों के मुताबिक, बेंगलुरु पुलिस ने मुलायम सिंह यादव को गिरफ्तार किया और उस पर एख पाकिस्तानी लड़की से दोस्ती कर उसे भारत लाने का आरोप लगाया। बाद में इकरा विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय के अधिकारियों को सौंप दिया गया। फिर उसे उसके गृह राज्य भेज दिया गया। उसे वाघा सीमा पर रविवार पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया गया।