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कश्मीर मुद्दे पर सऊदी अरब में नहीं गली पाक की दाल, चीन पहुंचे विदेश मंत्री कुरैशी 

Thu, 20 Aug 2020 06:36 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter
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कश्मीर मामले पर इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी की बैठक बुलाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात की ओर पाकिस्तान को करारा झका लगा है। मायूस पाकिस्तान फिर चीन की शरण में पहुंचा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी बीजिंग की यात्रा पर हैं। यहां वह आज यानी गुरुवार को अपने चीनी समकक्ष के साथ विभिन्न मामलों पर चर्चा करने वाले हैं। 

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पाकिस्तान और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच दूसरा वार्षिक रणनीतिक संवाद हैनान के द्वीपीय रिजॉर्ट में बृहस्पतिवार को शुरू होगा। इस दौरान महत्वकांक्षी पाकिस्तान-चीन आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना के दूसरे चरण सहित विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक बैठक के दौरान 60 अरब डॉलर की सीपीईसी योजना में हुई प्रगति और इस्लामाबाद द्वारा एक अरब डॉलर ऋण देने के अनुरोध पर चर्चा हो सकती है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने संक्षिप्त पत्रकार वार्ता में घोषणा की कि चीनी विदेशमंत्री और स्टेट कांउसलर वांग यी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी 20 और 21 अगस्त को रणनीतिक संवाद करेंगे। उल्लेखनीय है कि सीपीईसी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की महत्वकांक्षी योजना ‘बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव’ का हिस्सा है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित ग्वादर बंदरगाह को चीन के शिजिंयाग प्रांत से जोड़ता है।
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खबरों के मुताबिक वांग और कुरैशी द्वारा इस साल के अंत में चिनफिंग के पाकिस्तान दौरे को भी अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को कहा था कि राष्ट्रपति चिनफिंग इस साल सर्दियों में पाकिस्तान की यात्रा करेंगे। झाओ ने कहा कि यह संवाद तंत्र सर्वकालिक मित्र से विभिन्न क्षेत्रों में समन्वयित आदान-प्रदान, द्विपक्षीय संबंधों में नीतिगत सुझाव एवं अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर समन्वय एवं संप्रेषण का मंच है।

उन्होंने कहा कि पहला संवाद पिछले साल मार्च में बीजिंग में हुआ था जिसमें विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनी थी और द्विपक्षीय संबंधों के विकास में इसने अहम भूमिका निभाई थी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इस बार रणनीतिक संवाद बहुत ही प्रासंगिक है और दोनों पक्ष इस मौके का इस्तेमाल महामारी के खिलाफ सहयोग, द्विपक्षीय संबंध और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हितों पर चर्चा के लिए करेंगे।’’

चीन रवाना होने से पहले कुरैशी ने वीडियो संदेश में कहा कि वह बहुत महत्वपूर्ण चीन यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत महत्वपूर्ण यात्रा पर चीन जा रहा हूं। मैंने इस संबंध में कल प्रधानमंत्री से चर्चा की। मेरा प्रतिनिधिमंडल देश के राजनीतिक एवं सैन्य नेतृत्व के रुख को प्रकट करेगा। मुझे उम्मीद है कि विदेशमंत्री वांग से मेरी मुलाकात दोनों देशों के लिए लाभदायक होगी।’

बता दें कि भारत सरकार द्वारा पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से पाकिस्तान ओआईसी के विदेश मंत्रियों की बैठक बुलाने पर जोर देता रहा है। ओआईसी के 57 सदस्य हैं। ओआईसी की ओर से पाकिस्तान के अनुरोध पर अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। 

इसका अहम कारण यह है कि सऊदी अरब इस पर इच्छुक नहीं है। ओआईसी में किसी भी अहम फैसले के लिए सऊदी अरब का समर्थन महत्वपूर्ण है। जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद से पाकिस्तान, भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन पाने के लिए कई कोशिशें कर चुका है लेकिन वह सफल नहीं हो पाया है।

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