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Pakistan: पाकिस्तानी और अफगानी अधिकारियों ने की बैठक, सीमा विवाद और अवैध अफगानियों की निकासी पर की चर्चा

Wed, 25 Oct 2023 01:14 AM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, बलूचिस्तान के कार्यवाहक सूचना मंत्री जान अचकजई ने बताया कि पाकिस्तानी सीमा प्रबंधन के अधिकारियों और अफगानिस्तान के तालिबान इस्लामिक अमीरात के प्रतिनिधियों ने बैठक की। इसके अलावा बैठक में चमन उपायुक्त उमर जब्बार, राजा अतहर, फ्रंटियर कोर कमांडर भी शामिल हुए।
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Afghan refugees, Afghan refugee, अफगान शरणार्थी - फोटो : PTI
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विस्तार
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा विवाद बहुत पुराना है। इस बीच मंगलावर को दोनों देशों के अधिकारियों ने बैठक की। बैठक सीमा प्रबंधन मुद्दों के साथ-साथ पाकिस्तान में रह रहे अवैध अफगानियों की निकासी पर भी चर्चा की। पाकिस्तान सरकार ने आदेश जारी किया है कि अवैध अफगानियों को एक नवंबर तक पाकिस्तान छोड़ना होगा नहीं तो इसके बाद उन्हें बलपूर्वक वापस घर भेज दिया जाएगा।
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बैठक में यह अधिकारी हुए शामिल
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, बलूचिस्तान के कार्यवाहक सूचना मंत्री जान अचकजई ने बताया कि पाकिस्तानी सीमा प्रबंधन के अधिकारियों और अफगानिस्तान के तालिबान इस्लामिक अमीरात के प्रतिनिधियों ने बैठक की। इसके अलावा बैठक में चमन उपायुक्त उमर जब्बार, राजा अतहर, फ्रंटियर कोर कमांडर भी शामिल हुए। बैठक में रोगियों सहित सीमा पार करने वाले अफगानों और अवैध अफगानों की सुचारू और संगठित निकासी पर चर्चा की। बैठक में सीमा पर मरीजों के सामने आने वाली चुनौतियों पर जोर दिया। अचकजई ने बताया कि हजारों अफगान शरणार्थी परिवार पहले ही चमन सीमा से अफगानिस्तान में प्रवेश कर चुके हैं। सैकड़ों अवैध शरणार्थियों का दैनिक पलायन होता है।

तालिबान सरकार ने भी इस कदम पर आपत्ति जताई
पाकिस्तान के फरमान के कारण अब तक बिना दस्तावेज वाले 51000 से अधिक अफगानों को पाकिस्तान से निर्वासित कर दिया है। अचकजई का कहना है कि अवैध आप्रवासन की समस्या से निपटने के लिए पाकिस्तान कड़े प्रयास कर रहा है। पाकिस्तान के फरमान की आलोचना की गई है। एमनेस्टी और यूएन समेत कई वैश्विक संगठनों ने इसकी निंदा की है और सरकार से इसपर पुनर्विचार करने को कहा है। वहीं, काबुल में तालिबान सरकार ने भी इस कदम पर आपत्ति जताई है। 
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फैसले के बाद पाकिस्तान में रह रहे शरणार्थियों के बीच डर का माहौल है। वहीं, दूसरी ओर अफगानी आबादी वाले दो इलाकों में कई युवा और मध्यम आयु वर्ग के शरणार्थियों के पास पुलिस के साथ झड़पों और गिरफ्तारियों के बारे में बताने के लिए दर्दनाक कहानियां सामने आ रही हैं। अफगान बस्ती के प्रमुख हाजी अब्दुल्ला ने बताया कि यहां तक कि जिनके पास कानूनी शरणार्थी दर्जा/कार्ड हैं, उन्हें भी पुलिस नहीं बख्श रही है। हमारे लोगों को निशाना बना रही है।
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