पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी सूबे ख़ैबर पख़्तून ख़्वाह में मौलवियों और कबिलाई नेताओं ने महिलाओं के अकेले खरीददारी करने पर रोक लगा दी है।
इस फ़ैसले के मुताबिक ख़ैबर पख़्तून ख़्वाह सूबे की महिलाएँ केवल पुरुष रिश्तेदारों के साथ ही खरीददारी कर सकेंगी।
सूबे के करक ज़िले के एक मस्जिद में हुई बैठक में यह फ़ैसला लिया गया और यह घोषणा लाउडस्पीकर पर की गई।
पाकिस्तान के कबिलाई बहुल इलाके में ज्यादातर महिलाएँ अपने सिर और बदन को ढँक कर ही रखती हैं।
माना जा रहा है कि रमज़ान के मुबारक महीने में पुरुषों का ध्यान न भटके, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि क्या रमज़ान के खत्म होते ही यह रोक हटा ली जाएगी। रोज़े रखने का यह महीना इस साल जुलाई में पड़ रहा है।
'अश्लीलता'
एक मौलवी और कबिलाई नेता ने कहा कि स्थानीय मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के जरिए इस प्रतिबंध का प्रचार किया जाएगा।
समाचार एजेंसी एएफ़पी ने मौलाना मिर्जाक़ीम के हवाले से कहा, "हमने तय किया है कि महिलाएँ पुरुष रिश्तेदारों को साथ लिए बिना बाजार नहीं जाएंगी। पुरुष रिश्तेदारों को साथ लिए बगैर बाजार जाने वाली महिलाओं को पुलिस को सौंप दिया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "वे अश्लीलता फैलाती हैं और रमज़ान के दौरान पुरुषों के रोज़े को खराब करती हैं।"
मौलवियों ने प्रतिबंध को लागू कराने के लिए पुलिस से आग्रह किया है और दुकानदारों से अकेले आने वाली महिलाओं को सामान न देने की अपील भी की है।
एक दुकानदार ने समाचार एजेंसी रायटर्स से इस बात की आशंका जाहिर की है कि इस प्रतिबंध से उनके कारोबार और मज़हब की साख पर बुरा असर पड़ेगा।
समाचार एजेंसी ने कारोबारी मुनव्वर ख़ान के हवाले से कहा, "हमने कभी भी इस प्रतिबंध का समर्थन नहीं किया है। हमने मौलवियों के फ़ैसले का विरोध करने के लिए बुधवार को एक बैठक लाई है।"