अमेरिका ने पाकिस्तानी संसद के डिप्टी चेयरमैन मौलाना अब्दुल गफूर हैदरी को वीजा देने से इनकार कर दिया है। जमात उलेमा इस्लाम के महासचिव हैदरी को अगले हफ्ते 13 और 14 फरवरी को आयोजित होने वाली संयुक्त राष्ट्र की तरफ से प्रायोजित इंटरनेशनल पार्लियामेंट यूनियन (आईपीयू) की बैठक के लिए न्यूयॉर्क जाना था। सूत्रों का कहना है कि हैदरी को वीजा देने से इनकार करने के कारण तकनीकी है।
सांसद लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सलाउद्दीन तिरमिजी को दो दिन पहले ही वीजा जारी कर दिया गया। तिरमिजि को हैदेरी के साथ ही इस बैठक के लिए जाना था। बहरहाल, हैदरी को वीजा नहीं दिए जाने के कारण पाकिस्तानी संसद के चेयरमैन रजा रब्बानी ने इस समारोह का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। उन्होंने दोनों सांसदों को अपना दौरा रद्द करने का निर्देश दिया है। चेयरमैन ने नोटिस जारी कर निर्देश दिया है कि कोई संसदीय प्रतिनिधिमंडल तब तक अमेरिका नहीं जाएगा, जब तक वाशिंगटन या पाकिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास हैदेरी को वीजा न दिए जाने का कारण नहीं बता देते।
सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रतिबंध के आदेश को अमेरिकी अदालत द्वारा खारिज किए जाने के कुछ दिनों बाद अमेरिका ने यह कदम उठाया है। हालांकि अमेरिका ने इस प्रतिबंध में पाकिस्तान को अब तक शामिल नहीं किया है लेकिन यह जरूर कहा कि वह कई और मुस्लिम बहुल देशों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है।