पाकिस्तानी तालिबान ने खैबर पख्तून ख्वाह प्रांत में सिख नेता सूरन सिंह की हत्या की जिम्मेदारी ली है। पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत में अज्ञात लोगों ने मुख्यमंत्री के सलाहकार और प्रांतीय विधानसभा सदस्य सरदार सूरन सिंह की हत्या कर दी है। शुक्रवार शाम के वक्त सूरन सिंह बुरेन शहर स्थित अपने घर जा रहे थे तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दी।
पुलिस के मुताबिक सूरन सिंह को गोली आंख के करीब माथे पर लगी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। बुनेर के जिला पुलिस अधीक्षक खालिद महमूद हमदानी ने बताया कि सरदार सूरन सिंह की हत्या के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ली है।
पेशावर में 70 सालों से बंद ये गुरुद्वारा हाल ही में सूरन सिंह की देखरेख में शुरू किया गया था। पुलिस ने इस हत्या के पीछे टारगेट किलिंग की आशंका जताई है। सरदार सूरन सिंह पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के विधायक थे और इसके अलावा वो अल्पसंख्यक मामलों में मुख्यमंत्री के सलाहकार भी थे। सूरन सिंह साल 2011 में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ में शामिल हुए थे। इससे पहले वो पाकिस्तान की जमात-ए-इस्लामी पार्टी से जुड़े थे। वो पाकिस्तान में सिख समुदाय का अहम चेहरा थे और हमेशा से अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहे थे। सूरन सिंह पेशे से डॉक्टर थे।
इसके अलावा उन्होंने तीन साल तक पश्तो जबान के एक टीवी चैनल के लिए भी काम किया था। इस प्रोग्राम का नाम था 'ज़ह हम पाकिस्तान यम' यानि 'मैं भी पाकिस्तान हूं।' 31 मार्च को अंदरुनी पेशावर शहर के हस्तंगरी केट के क़रीब 70 सालों से बंद सिखों के एक गुरुद्वारे को खोला गया था। यह गुरुद्वारा हाल ही में सूरन सिंह की देख-रेख में शुरू किया गया।