पाकिस्तान कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर)
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में अहमदिया समुदाय के तीन लोगों को ईशनिंदा के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई है। उन पर अल्पसंख्यक समुदाय का बहिष्कार करने की मांग वाले पोस्टर फाड़कर ईशनिंदा करने का दोष है।
ईशनिंदा के तीनों दोषियों में से प्रत्येक पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। पंजाब प्रांत के शेखुपुरा जिले के अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश मियां जावेद अकरम ने सबूत और गवाहों के आधार पर बुधवार को अपना फैसला सुनाया। तीनों के खिलाफ मई 2014 में धार्मिक पोस्टर फाड़कर ईशनिंदा करने का मामला दर्ज हुआ था।
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शर्कपुर पुलिस थाने के अधिकारी मुहम्मद अशर के मुताबिक, कुछ लोगों ने अहमदिया समुदाय का सामाजिक बहिष्कार करने का आग्रह करने वाले पोस्टर गांव में लगाए थे। इन पोस्टरों पर धार्मिक छंद लिखे थे। पोस्टरों को हटाने पर इन तीनों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी।
गौरतलब है कि बुधवार को प्रधानमंत्री पद से बेदखल नवाज शरीफ के दामाद मोहम्मद सफदर ने अहमदिया समुदाय की कड़ी निंदा की थी और सैन्य सेवाओं में इनकी भर्ती पर रोक लगाने की मांग की थी। पाकिस्तान के संविधान के अनुसार अहमदिया समुदाय के लोगों को मुसलमान नहीं माना जाता है।