भारत में 500 और 1000 के नोटों को बंद किए जाने के बाद से पाकिस्तान में भी बड़े मूल्य के नोटों को बंद किए जाने की अटकलें लग रही थीं, लेकिन पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने इस तरह की किसी भी संभावना पर विराम लगा दिया है। पाक वित्त मंत्री ने मीडिया रिपोर्टों का खारिज करते हुए कहा कि 5000 के नोट और 40,000 मूल्य के बांड का विमुद्रीकरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाक सरकार इस तरह के किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है।
पाक अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने सोमवार को कहा कि इस तरह की अटकलें आधारहीन हैं। अखबार के मुताबित सोमवार को ही पाक पीएम नवाज शरीफ के विशेष सहायक हारुन अख्तर खान ने कहा था कि सरकार उच्च मूल्य वाले नोटों और बांडों को बंद करने पर विचार कर रही है। खान ने कहा है कि इस आशय का प्रस्ताव वर्ष 2016-17 के बजट से पूर्व कर सुधार आयोग ने दिया था। इस पर अंतिम निर्णय लेने से पहले इसे कर सुधार क्रियान्वयन समिति के पास भेज दिया गया।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद उस्मान सैफुल्लाह खान ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए भारत का उदाहरण देते हुए पाक संसद में 1000 और 5000 रुपये के नोटों को बंद करने का प्रस्ताव दिया था।