फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तानः सरकार और तालिबान में वार्ता रुकी

विज्ञापन
विज्ञापन
पाकिस्तान से बीबीसी संवाददाता शाहज़ेब जिलानी ने बताया है कि हत्या की यह घटना तब हुई जब सरकार चरमपंथियों के साथ
विज्ञापन

बातचीत के लिए उत्सुक थी।

मोहमंद कबायली इलाके से तहरीके-तालिबान पाकिस्तान के एक धड़े ने एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि उनके लड़ाकों की पुलिस हिरासत में हो रही कथित हत्याओं का बदला लेने के लिए सुरक्षा कर्मियों की हत्या की गई है।

सरकार की ओर से शांति वार्ता के लिए चुने गए प्रतिनिधियों ने इस घटना के बाद तालिबान के मनोनीत दल के साथ होने वाली बातचीत रोक दी है।

शांति वार्ता को शुरू हुए मुश्किल से 10 दिन भी नहीं बीते हैं और बातचीत से समस्याओं को सुलझाने की जो सकारात्मक परिस्थितियां बन रही थीं वे कमजोर होती नज़र आ रही हैं।
विज्ञापन



दुष्प्रचार

मोहमंद कबायली इलाके से तहरीके-तालिबान पाकिस्तान के एक धड़े ने एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि उनके लड़ाकों की पुलिस हिरासत में हो रही कथित हत्याओं का बदला लेने के लिए सुरक्षा कर्मियों की हत्या की गई है।

सरकार की ओर से शांति वार्ता के लिए चुने गए प्रतिनिधियों ने इस घटना के बाद तालिबान के मनोनीत दल के साथ होने वाली बातचीत रोक दी है।

शांति वार्ता को शुरू हुए मुश्किल से 10 दिन भी नहीं बीते हैं और बातचीत से समस्याओं को सुलझाने की जो सकारात्मक परिस्थितियां बन रही थीं वे कमजोर होती नज़र आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान मोहमंद कबायली इलाके में स्थित उस गुट से संपर्क करेगा जिसने इन हत्याओं से जुड़े होने की बात कही है। मीडिया को दिए गए एक बयान में सेना के अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े किसी भी व्यक्ति की हत्या की गई है। उन्होंने कहा, "यह सब एक दुष्प्रचार है। ऐसा वे अपनी गतिविधियों को जायज़ ठहराने के लिए
कर रहे हैं।"

विज्ञापन

निरंतर हमले होना जारी

इस बीच सैनिकों की कथित हत्या की ख़बर आने के बाद सरकार और तालिबान के बीच अकोरा खतक शहर में होने वाली नियत शांति वार्ता बीच में ही रोक दी गई है।

तालिबान की समझौता वार्ता समिति ने बैठक रद्द हो जाने पर यह कहते हुए दुख ज़ाहिर किया है कि वे युद्ध विराम के फ़ैसले पर
पहुंचने ही वाले थे।

इलियास ख़ान ने जानकारी दी कि समाज के कुछ हिस्सों की तरफ से चरमपंथियों के साथ बातचीत की सरकार की रणनीति पर घोर आपत्ति जताई जा रही थी।

उन्होंने यह भी बताया कि ये आपत्ति इसलिए जताई जा रही थी कि तालिबान ने हाल के दिनों में नागरिकों और सरकारी क्षेत्रों को अपना निशाना बनाना जारी रखा है। बीते गुरुवार को टीटीपी ने स्वीकार किया था कि कराची में पुलिस बस पर हुए हमले में उनका हाथ है।

इस हमले में 13 पुलिसकर्मी मारे गए थे। टीटीपी से संबंधित एक गुट ने कहा है कि पेशावर के उत्तरी इलाके में एक सिनेमाघर में दो ग्रेनेड से हुए हमले में उनका हाथ है। इस ग्रेनेड हमले में 12 से ज़्यादा लोग मारे गए थे।





विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें