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पाक सेना और नवाज सरकार के बीच आतंकियों पर कार्रवाई को लेकर बढ़ा तनाव

Sun, 09 Oct 2016 02:01 AM IST
गुंजन कुमार/ अमर उजाला, दिल्ली
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नवाज शरीफ-राह‌िल - फोटो : Getty Images
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 भारतीय एजेंसियों और विदेश मंत्रालय की पाकिस्तान के दिनों दिन तनावपूर्ण हो रहे अंदरुनी राजनीतिक हालात पर पैनी नजर है। पाक सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच विचारों का जबरदस्त टकराव है।
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6 अक्टूबर को डॉन अखबार में नवाज के लश्कर और जैश आतंकियों पर शिकंजा कसने संबंधी छपी खबर के सरकारी खंडन के पीछे का कारण सेना का दबाव बताया जा रहा है। खुफिया एजेंसियों की तरफ से आ रही जानकारी के मुताबिक रावलपिंडी और इस्लामाबाद की बढ़ती दूरी नवाज के लिए 1999 के तख्तापलट की पुनरावृति का संकेत दे रहा है।

16 साल  पहले पूर्व पाक जनरल परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ की चुनी हुई सरकार पर बिना किसी खून  खराबे के कब्जा कर लिया था। वह तख्तापलट करगिल युद्ध के बाद अंजाम दिया गया था। उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि नवाज शरीफ पर  पाक सिविल सोसायटी और विपक्षी दलों का आतंकियों पर शिकंजा कसने का जबरदस्त  दबाव है। 
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इस्लामिक संगठनों ने भी खोला नवाज के खिलाफ मोर्चा

नवाज शरीफ के लिए खतरे की घंटी - फोटो : Getty
लेकिन पाकिस्तान के जेहादी और कट्टर इस्लामिक संगठनों की संस्था दीफा-ए-पाकिस्तान (डीपीसी) ने भी एक बड़ी सभा कर नवाज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सूत्रों के मुताबिक लश्कर सरगना हाफिज सईद की अगुवाई में पिछले हफ्ते हुए डीपीसी की बैठक में 28 अक्टूबर को बड़ी रैली निकालने का एलान किया है।

उधर जनरल राहिल शरीफ दुनिया को यह संदेश नहीं देना चाहते कि कश्मीर और विदेश नीति में चुनी हुई नवाज सरकार का अहम रोल है। सूत्रों इस बात की पुष्टि की है कि दुनिया में अलग थलग पड़ने का अंदेशा जताते हुए नवाज शरीफ ने सेना को खासतौर पर उस आतंकवादी सरगनाओं पर चोट करने को कहा था जिसकी वजह से भारत के साथ संबंध बिगड़ गए हैं।

6 अक्टूबर को यह खबर पाकिस्तान के प्रतिष्ठित अखबार डॉन में प्रमुखता से छपी और पूरी पाक सिविल सोसायटी ने इसका स्वागत किया। लेकिन अगले दिन ही नवाज सरकार ने इस खबर का औपचारिक खंडन जारी करना पड़ा।

सूत्रों ने बताया कि यह सेना के  दबाव का नतीजा था। पाक  मामलों  के कूटनीति से जुड़े अधिकारी के मुताबिक नवाज अभी भी भारत के साथ संबंध बेहतर करने का  पक्ष में हैं। लेकिन भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक को सेना और जेहादी संगठन बड़ा अपमान मान रहे हैं। 
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